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Jhansi News: इंसानियत का पैगाम देता है कुर्बानी का पर्व बकरीद

Sun, 16 Jun 2024 02:32 AM IST
झांसी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
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- सोमवार को मनेगा ईद-उल-अजहा का त्योहार
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संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। सोमवार को कुर्बानी का पर्व ईद-उल-अजहा (बकरीद) मनाया जाएगा। ईद की नमाज के बाद कुर्बानियों का सिलसिला शुरू होगा। उलमाओं ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि इस पर्व को इस तरह मनाएं कि किसी भी दूसरे मजहब के लोगों के लिए परेशानी का सबब न बने। उन्होंने कहा कि ईद-उल-अजहा पर की जाने वाली कुर्बानी इंसानियत का पैगाम देती है।
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17 जून को मनाए जाने वाले कुर्बानी के त्योहार ईद-उल-अजहा को लेकर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। कुर्बानी करने वाले अधिकांश लोगों ने बकरों सहित अन्य जानवरों की खरीदारी कर ली है। पर्व को लेकर शहर के बाजार भी गुलजार हो गए हैं। बकरीद को लेकर उलमाओं ने अपील करते हुए कहा कि बकरीद कुर्बानी का त्योहार है। इस त्योहार को इस तरह से मनाया जाए जिससे किसी भी शख्स को दिक्कत नहीं हो। इस्लाम के मुताबिक किसी को भी तकलीफ पहुंचे तो हमारी कुर्बानी का मकसद ही खत्म हो जाएगा। जानवर की कुर्बानी खुले में नहीं करें। मांस को ढककर ही तक्सीम करें। कुर्बानी का खून नालियों में किसी भी कीमत पर नहीं बहने दें। मुफ्ती साबिर कासमी कहते हैं कि ईद-उल-अजहा पर इस तरह जानवर की कुर्बानी करें, जिससे किसी भी मजहब के एक भी शख्स को परेशानी न हो। शांति और अमन के साथ त्योहार मनाएं। मुफ्ती आरिफ नदवी ने कहा कि जानवर की कुर्बानी का मांस तीन हिस्सों में बांटें। एक हिस्सा गरीबों को, दूसरा हिस्सा रिश्तेदारों को व तीसरा हिस्सा खुद रखें। ऐसे करने से ही कुर्बानी असल मकसद पूरा होगा।
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