झांसी। पंचायत चुनाव खत्म होने के बाद कोरोना को रोकने के लिए गांव स्तर पर तैयार की गईं निगरानी समितियां अब फिर से सक्रिय की जाएंगी। निगरानी समितियां बाहर से आने वाले लोगों की निगरानी करेंगी। बाहर से आने वाले प्रवासियों को पिछली बार की तरफ फिर से क्वारंटीन किया जाएगा। पिछली बार बने सभी क्वारंटीन सेंटर फिर से आरंभ होंगे।
नोडल अधिकारी डॉ. एके सिंह ने शनिवार को विकास भवन सभागार में बैठक के दौरान कोर ग्रुप को इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा दूसरे राज्यों से बढ़ी संख्या में श्रमिक वापस आ रहे हैं। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में बनाए गए सभी क्वारंटीन सेंटर फिर से आरंभ किए जाएं। टेस्टिंग के बाद रिपोर्ट निगेटिव होने पर ही उनको गांव में जाने दिया जाए। ग्रामीण इलाकों में बनाई गई निगरानी समितियां फिर से सक्रिय की जाएं। इनके माध्यम से गांव में बाहर से आने वालों की सूचना सीधे कंट्रोल रूम को दी जाए। जिससे इनकी जांच कराई जा सके। नोडल अधिकारी ने शहरी एवं ग्रामीण इलाकों में मास्क इंफोर्र्समेंट की कार्यवाई भी तेज करने को कहा। कहा, अभी चालान काटने की प्रगति संतोषजनक नहीं है। मुख्य विकास अधिकारी शैलेष कुमार ने एल-2 श्रेणी के नर्सिंग होम से टेस्टिंग में निगेटिव आए मरीजों को डिस्चार्ज करने को कहा जिससे दूसरे मरीज भर्ती किए जा सकें। सीडीओ ने होम आइसोलेशन मरीजों को मेडिकल किट की पूरी जानकारी देने को कहा। बैठक में सीएमओ डॉ. जीके निगम, एसपी सिटी विवेक त्रिपाठी, मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. एसएन सेंगर, सीईओ कैंट विनोद विग्नेश्वरन, एडीएम संजय पांडेय समेत अन्य उपस्थित रहे।
पर्यटन विभाग के वीरांगना होटल को बनाया जाएगा एल-1 अस्पताल
पैरामेडिकल कॉलेज में 300 बेड का एल-1 अस्पताल तैयार किए जाने के साथ ही वहां पैरामेडिकल स्टॉफ एवं चिकित्सक तैनात किए जाएंगे। इसी तरह पर्यटन विभाग के राही वीरांगना होटल को एल-1 अस्पताल में बदला जाएगा। उन्होंने जिला अस्पताल में भी पचास बेड का आइसोलेशन वार्ड बनाने के निर्देश दिए। ट्रेसिंग में सुधार के निर्देश देते हुए बबीना, गुरसराय, मऊरानीपुर के मेडिकल ऑफीसर को सुधार लाने को कहा।