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बढ़ेंगी सुविधाएं, रिझाएंगी बुंदेली लोक कलाएं

Wed, 13 Jun 2018 01:27 AM IST
amarujala
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railway station, jhansi news - फोटो : amar ujala, jhansi news
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दिसंबर तक अपना रेलवे स्टेशन बदला-बदला नजर आएगा। यात्रियों को यहां कई अतिरिक्त सुविधाएं मिलने लगेंगी। वहीं, स्टेशन की दीवारों पर बुंदेलखंड की लोक कलाएं यहां की संस्कृति से रूबरू कराएंगी। व्यवस्था सुधारने के लिए भी कई कदम उठाए जाएंगे।  
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बीस करोड़ रुपये की लागत से झांसी रेलवे स्टेशन पर दिसंबर 2018 तक नवीनीकरण का काम पूरा किया जाना है। इसमें रेलवे परिसर, वेटिंग हॉल, यात्री शेड और अन्य स्थानों पर परिवर्तन का काम होगा। भोजनालय के बगल में बने दोनों वातानुकूलित वेटिंग हॉल एक होंगे, जिससे यात्रियों को बैठने के लिए अधिक जगह मिल सके। आरक्षण कार्यालय को वेतन कार्यालय या यात्री शेड के पास शिफ्ट करने के बाद उस जगह पर एग्जीक्यूटिव लाउंज बनाने की योजना है। रेलवे परिसर और प्लेटफार्म पर फैले तारों को अंदर पैक किया जाएगा। स्टेशन बिल्डिंग पर रंग रोगन और दीवारों को बुंदेली लोक कलाओं से सजाया जाएगा। वाहन स्टैंड को सुव्यवस्थित करके आपे, चार पहिया और वीआईपी वाहनों के लिए अलग लेन बनाई जाएगी।

‘संबंधित विभागों ने टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। जुलाई से काम दिखना शुरू हो जाएगा। दिसंबर तक काम पूरा करना है।’
एके मिश्रा, डीआरएम।

यह होंगे काम
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- स्टेशन बिल्डिंग का और सुंदर होगा फ्रंट
- स्टेशन बिल्डिंग में लगेंगी फसाड लाइट
- एग्जीक्यूटिव लाउंज की होगी स्थापना
- प्लेटफार्मों पर लगेगा ग्रेनाइट पत्थर
- लिफ्ट और एस्केलेटर लगेंगे
- प्रकाशित साइनेज बोर्ड की स्थापना।
- बुकिंग हॉल और आवागमन परिक्षेत्र में सुधार
- आईआरसीटीसी द्वारा रेस्टोरेंट का निर्माण
- स्टेशन क्षेत्र में लगेंगे फ्लैक्स बोर्ड
- स्टेशन परिसर में वीआईपी, ऑटो और टैक्सी लेने की अलग- अलग होगी व्यवस्था
- प्लेटफार्मों के चौड़े होंगे पुराने ब्रिज
- मॉड्यूलर वाटर कीऑस्क और वाटर एटीएम लगेंगे
- प्रतीक्षालय, विश्रामालय और शौचालयों का होगा सुधार

यह भी जानिए
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रानी लक्ष्मीबाई के बलिदान के बाद अंग्रेजों ने जुलाई 1886 में झांसी रेलवे स्टेशन की जमीन का अंतिम रूप से चयन किया। 1889 में अप तथा डाउन पैसेंजर प्लेटफार्म, एक प्रतीक्षालय, पहूज डैम, अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए क्वार्टरों का निर्माण हुआ। शुरुआत में तीन प्लेटफार्म बनाए गए थे, जिनकी लंबाई 770 मीटर थी। झांसी रेल मंडल का विस्तार पहले तुगलकाबाद से इटारसी तक था। इसी के एक हिस्से को लेकर 1985 में भोपाल मंडल बनाया गया। 2003 में उत्तर मध्य रेलवे नया जोन बनने पर झांसी के हिस्से में से आगरा मंडल बनाया गया। देश की पहली शताब्दी एक्सप्रेस भी नई दिल्ली से झांसी के बीच चलाई गई थी। वर्तमान में रेलवे स्टेशन पर आठ प्लेटफार्म और 19 ट्रेनों का संचालन झांसी जंक्शन से शुरू होता है। अप और डाउन की प्रतिदिन और साप्ताहिक मिलाकर 265 ट्रेनें यहां से गुजरती हैं।
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