शहर के पॉश इलाकों में एक शिवाजी नगर के सुभाष चंद्र बोस पार्क की हालत खराब है। मेन गेट पर ताला लगा रहने के कारण यहां बच्चे तो नहीं जा पाते, लेकिन रात में दीवार फांद कर अराजक तत्व अंदर घुस जाते हैं और जुआ और शराब की महफिल सजा लेते हैं। स्ट्रीट लाइट न होने के कारण यहां अंधेरा पसरा रहता है, जिससे इन लोगों को कोई रोक नहीं पाता। वहीं, तालाबंदी होने के कारण मेन गेट पर हाथ ठेला दुकानदारों का दिनभर अतिक्रमण रहता है।
शिवाजी नगर में पांच हजार से अधिक आबादी निवास करती है। इस आबादी को यहां के सुभाष चंद्र बोस पार्क का लाभ नहीं मिल पाता है। मुख्य द्वार पर हाथ ठेला दुकानदारों का अतिक्रमण, द्वार पर लगा ताला आम नागरिकों को प्रवेश करने से रोकता है। इसके अलावा पार्क में न तो बैठने की जगह है और न ही पेयजल की सुविधा। शौचालय टूटा है, तो बंद पडे़ कमरों पर कुछ लोगों का अतिक्रमण है।
आज तक खुला नहीं देखा
शिवाजी नगर में विभागीय काम से कई बार आना पड़ता है। लेकिन आज तक पार्क खुला नहीं दिखा। इसके अलावा इस क्षेत्र में पीने के पानी की भी कोई व्यवस्था नहीं है।
वीरेंद्र सविता निवासी उरई
सुविधा के नाम पर कुछ नहीं
इस पार्क में सुविधा के नाम पर कुछ नहीं है। माहौल असुरक्षित लगता है। बैंच टूटी पड़ी है। रात में लाइट जलती नहीं है। अंदर प्रवेश के लिए कई लोग कूद फांद कर जाते हैं।
मनोज विश्वारी स्थानीय निवासी व एलआईसी एजेंट
पार्क का कायाकल्प जरूरी
शाम होते ही पार्क में शराबियों का जमघट लगता है। गेट बंद रहता है। इस कारण महिलाएं पार्क नहीं जा सकती है। इस कारण पार्क का लाभ नहीं मिलता।
गयादीन अहिरवार, स्थानीय निवासी व समाज सेवी
नये सिरे से तैयार होगी सुविधाएं
शिवाजी नगर का सुभाष चंद्र बोस पार्क और सिद्धेश्वर मंदिर के बगल में बंसल कालोनी के पार्क को संवारने का काम जल्द शुरू होगा। इनमें सभी सुविधाएं नये सिरे से तैयार की जाएगी।
डा. आरके निरंजन पार्क प्रभारी, नगर निगम
पार्क की दशा सुधारने को लिखेंगे पत्र
पार्क की दशा को जल्द सुधारने के लिए नगर निगम को और सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस को पत्र लिखेंगे। ताकि अराजक तत्वों का जमावड़ा न हो। वहीं जल्द ही पार्क का पुनर्निर्माण हो रहा है।
बालकिशन पार्षद वार्ड 27