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Jhansi News: शिशु का वजन सामान्य से कम, वजह हो सकती विटामिन-डी की कमी

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अमर उजाला ब्यूरो



झांसी। गर्भवती महिला में विटामिन-डी की कमी का उसके गर्भ में पल रहे बच्चे पर भी असर आता है। इसकी कमी से बच्चे सामान्य से कम वजन के कम वजन के पैदा होते हैं और उनका विकास भी धीमी गति से होता है। मेडिकल कॉलेज प्राचार्य और स्त्री रोग विभागाध्यक्ष के शोध में यह निष्कर्ष निकला है जिसका प्रकाशन अमेरिका के जरनल में हुआ है।

मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. मयंक सिंह और स्त्री रोग विभागाध्यक्ष डॉ. हेमा जे. शोभने ने संयुक्त रूप से डॉ. कपिल तिवारी और डॉ. सृष्टि अग्रवाल के साथ 150 गर्भवती महिलाओं पर 11 माह तक शोध किया। इसका विषय गर्भवती महिला में विटामिन-डी की कमी से प्रसव के बाद जन्म लेने वाले बच्चे में होने वाली दिक्कतों को लेकर रहा। इनमें से 83 गर्भवती महिलाओं में विटामिन-डी की कमी मिली बाकी में सामान्य स्तर मिला। इनकी लगातार मॉनीटरिंग की गई, तो पता चला कि इसकी वजह से गर्भस्थ शिशु का न सिर्फ विकास काफी धीमी गति से हो रहा है बल्कि वजन भी काफी कम है। डॉ. मयंक सिंह सिंह ने बताया कि विटामिन-डी की कमी होने की वजह से मां को हाई ब्लड प्रेशर सकता है जिससे प्रसव के दाैरान कई दिक्कतें आ सकती हैं। विटामिन-डी की कमी होने से शिशु में हड्डी कमजोर होने की बीमारी रिकेट्स हो सकती है।
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0- ऐसे पूरी हो सकती है विटामिन-डी की कमी

विटामिन-डी की कमी मां और बच्चे दोनों के लिए घातक हो सकती है। इसकी कमी पूरी करने के लिए सूरज की रोशनी मुख्य स्रोत है। विटामिन-डी से भरपूर भोजन (मशरूम, मछली, अंडा आदि) का सेवन करें।
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