झांसी। मंडलायुक्त के. राममोहन राव शनिवार को औचक निरीक्षण करने बीएसए आफिस पहुंचे। वहां उन्होंने पत्नी का स्थानांतरण कराने के लिए पूछताछ शुरू की, लेकिन उन्हें कर्मचारियों ने पहचान लिया। इससे पूर्व उन्होंने जिला अस्पताल में शौचालय गंदा मिलने पर सुपरवाइजर को फटकार लगाई।
मंडलायुक्त ने जिला अस्पताल के वार्डों में जाकर मरीजों का हाल चाल पूछा। वहीं, ओपीडी में जाकर मरीजों से बाहर की दवा लिखे जाने की संबंध में जानकारी ली। जिला अस्पताल का निरीक्षण करने के बाद वह बीएसए कार्यालय पहुंचे। उन्होंने अपनी कार बाहर खड़ी कर दी और पैदल चलकर अंदर गए।
वह एक लिपिक के पास गए और कहा कि मुझे अपनी पत्नी का स्थानांतरण कराना है। इसी दौरान कुछ चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों ने उन से नमस्कार करना शुरू कर दिया। स्थिति को भांप लिपिक ने कमिश्नर को बताया कि अभी स्थानांतरण की प्रक्रिया नहीं चल रही है।
कर्मचारियों को जब यह पता चला कि मंडलायुक्त उनके कार्यालय में हैं तो वह सतर्क हो गए और एक-एक कर अभिवादन करने को आने लगे। इस पर मंडलायुक्त कुछ मिनट रुक कर वहां से चले आए।