फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बेपरवाह शासन, कैसे हो योगासन

Wed, 04 May 2016 01:34 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
ayurvedic collage, jhansi hindi news - फोटो : demo
विज्ञापन
झांसी। बुंदेलखंड राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज में योगा यूनिट खोले जाने के लिए भेजा गया पत्र शासन के स्तर पर लटक कर रह गया है। योग से असाध्य और विशेष रोगों को ठीक किया जा सकता है, इस लिहाज से यह यूनिट गंभीर मर्ज की बेहतर दवा है। मगर शासन की बेपरवाही का आलम यह है कि कई महीने बीत जाने के बावजूद अब तक यूनिट को हरी झंडी नहीं मिली है।
विज्ञापन


आयुर्वेदिक कॉलेज में मरीजों का उपचार भी किया जाता है। यहां रोजाना ओपीडी में करीब डेढ़ सौ मरीज उपचार को आते हैं। 60 बेड वाले इस अस्पताल में मरीजों के भर्ती होने की संख्या प्रतिदिन 30 है। मरीजों की सहूलियत के लिए कॉलेज प्रशासन ने यहां योगा यूनिट, पंचकर्मथेरेपी, नेचुरोथेरेपी यूनिट की स्थापना का मांग पत्र शासन को भेजा था। वहीं, फिजियोथेरेपी के उच्चीकरण की भी मांग की थी। यह पत्र अब तक शासन में लटका हुआ है। इसके चलते कई महीने बीतने के बावजूद यहां यूनिट नहीं खुल सकी हैं। कॉलेज में यदि यह यूनिटें खुल जाती हैं, तो मरीजों को बेहतर इलाज मिल सकेगा।

योग से दूर हो सकते गंभीर रोग
कॉलेज प्राचार्य प्रो. सुरेश चंद्रा ने बताया कि योगा यूनिट खुलने से क्षेत्रीय जनता को असाध्य बीमारियों के साथ विशेष बीमारी जैसे गठिया, जोड़ रोग, उच्च रक्तचाप, डायबिटीज, कैंसर, हार्मोनल डिसीज, त्वचा एवं योन विकार आदि को ठीक किया जा सकता है। योग की विभिन्न क्रियाओं से मरीज को इससे निजात दिलाई जा सकती है।
विज्ञापन


तनाव, मनोविकार में मददगार पंचकर्म
आज की दौड़भाग भरी जिंदगी में अधिकांश लोग तनावग्रस्त हो जाते हैं। पंचकर्म यूनिट तनाव, मनोविकार, साइटिका जैसे घातक बीमारियों को दूर करने में बहुत अहम भूमिका निभा सकती है। आयुर्वेद की इस विशिष्ट चिकित्सा पद्धति में शिरोधारा यानी सिर के ऊपर तेल की एक पतली धारा बहाकर इलाज किया जाता है।

नेचुरोथेरेपी जटिल रोगों में मददगार
जटिल रोगों जैसे संग्रहणी, घटी ग्रंथियां आदि बीमारियों को नेचुरोथेरेपी के जरिए ठीक किया जा सकता है। इसके साथ ही इलाज की इस सबसे पुरानी विधि से अनिद्रा, मोटापा को भी दूर किया जा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें