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पिता को कुल्हाड़ी से, बेटे को पत्थर से मार डाला

Fri, 06 May 2016 12:52 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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fight, jhansi news - फोटो : demo
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झांसी। रक्सा के ग्राम अठोंदना में एक मई को हुई पिता-पुत्र की हत्या का बृहस्पतिवार को पुलिस ने मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के साथ खुलासा कर दिया। गिरफ्तार मुख्य आरोपी आशाराम ने दोनों की हत्या किए जाने की बात पुलिस पूछताछ में स्वीकारी है।
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गिरफ्तार आरोपी आशाराम ने बताया कि मृतक केशराम का बकरी चुराने को लेकर अपने पिता वनमाली से विवाद हुआ था। केशराम ने इसी बात से नाराज होकर आशाराम के साथ मिलकर अपने पिता वनमाली की कुल्हाड़ी से हमला कर हत्या कर दी थी। हत्या के बाद दोनों आरोपियों ने पहाड़ी पर शराब पी तथा इसी दौरान उनमें कहासुनी हो गई तथा आशाराम पर केशराम हमलावर हो गया। आशाराम ने अपना बचाव करते हुए पत्थर से प्रहार करके केशराम को मौत की नींद सुला दिया।

मालूम हो कि ग्राम अठोंदना निवासी वनमाली एक मई रविवार की सुबह बकरियां चराने निकला था। शाम को बकरियां घर पहुंच गईं मगर वह नहीं पहुंचा। तलाश करने पर परिजनों को देर रात वनमाली का खून से लथपथ शव गांव में तालाब के पास मिला। इसमें मृतक के पुत्र मुकेश ने बड़े भाई केशराम के अलावा गांव के ही आशाराम पुत्र हरीराम, अमर सिंह पुत्र धनीराम, लखन पुत्र धनीराम को नामजद किया। दो मई की दोपहर में घटनास्थल से महज तीन सौ मीटर दूर केशराम का भी शव पड़ा मिला, जिसका चेहरा कुचला हुआ था।
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एसएसपी मनोज तिवारी ने बताया कि बृहस्पतिवार को थाना पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि जैविक खाद फैक्टरी के सामने बबीना हाइवे पर हत्याभियुक्त आशाराम खड़ा है, जो कहीं भागने की फिराक में है। पुलिस ने घेराबंदी कर आशाराम को गिरफ्तार कर कर लिया। उसने पूछताछ में खुलासा किया कि एक मई की दोपहर करीब दो बजे वह और केशराम जंगल में बैठे थे।

तभी वनमाली बकरियों को चराने के लिए वहां से गुजरा। इस दौरान केशराम ने अपने पिता की दो बकरियां चुरा लीं। इसकी जानकारी होने पर वनमाली का केशराम से विवाद हो गया। वनमाली ने गुस्से में कुल्हाड़ी फेंककर मारी जिसे केशराम ने उठा लिया, फिर दोनों आरोपियों ने कुल्हाड़ी से प्रहार करके वनमाली की हत्या कर दी।

वारदात को अंजाम देने के बाद नजदीक पहाड़ी पर जाकर बैठ गए, जहां दोनों ने बैठकर शराब पी। शराब पीने के दौरान उनके बीच कहासुनी होने लगी। केशराम ने उसका गला पकड़कर कुल्हाड़ी मारने के लिए तान ली। जान खतरे में देख आशाराम ने नजदीक पड़ा पत्थर उठाकर केशराम के सिर पर मार दिया। जैसे ही वह अचेत होकर गिरा, इसके बाद पत्थर से ताबड़तोड़ प्रहार करके उसे मौत के घाट उतार दिया तथा मौके से भाग निकला।

केशराम ने सिर कुचलकर बच्चे की हत्या की थी
एसएसपी मनोज तिवारी ने बताया कि केशराम ने करीब सात वर्ष पूर्व गांव में एक बच्चे की पत्थर से सिर कुचलकर हत्या कर दी थी। कुछ समय पहले दतिया में एक व्यक्ति को जान से मारने का भी प्रयास किया था।

कुल्हाड़ी व खून से सने पत्थर बरामद हुए
पुलिस टीम ने आशाराम की निशानदेही पर वनमाली की हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी और केशराम की हत्या में प्रयुक्त खून से सने दो पत्थर बरामद कर लिए हैं। उसके पास से एक तमंचा व तीन कारतूस भी बरामद हुए हैं।

पुलिस टीम को पांच हजार रुपये का पुरस्कार
दोहरे हत्याकांड का खुलासा होने पर एसएसपी ने रक्सा थाना पुलिस को पांच हजार रुपये के इनाम से पुरस्कृत किया है। पुरस्कार पाने वालों में थानाध्यक्ष इमरान खान, एसआई अरविंद कुमार, एसआई दिग्विजय सिंह, प्रेमनारायण, कल्लू यादव, प्रदीप तिवारी, अरविंद कुमार हैं।

तथ्य व सबूत के आधार पर दो को निर्दोष पाया
एसएसपी ने बताया कि पिता - पुत्र के हत्याकांड में धनीराम के पुत्र अमर सिंह व धनीराम को नामजद किया गया था, जिनके नाम सबूत व तथ्यों के आधार पर गलत पाए गए हैं। दोनों को पुलिस ने केस से बाहर कर दिया है। उन्होंने बताया कि पूर्व में चली आ रही रंजिश के चलते दोनों के नाम लिखाए गए थे।
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