माई सिटी रिपोर्टर
कानपुर। कानपुर रेंज के क्षेत्रों में अपराध की घटनाओं को अंजाम देने वाले गैंग की सूची में अवनीश दीक्षित गैंग को रजिस्टर्ड किया गया है। यह रेंज का पहला गैंग है, इसलिए आईआर-वन नाम दिया गया है। अवनीश दीक्षित को गैंग का लीडर बताया गया है, जबकि गैंग में 15 शातिर शामिल है। अब पुलिस ने जल्द ही अवनीश व उसके साथियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कर आगे की कार्रवाई करेगी।
सिविल लाइंस स्थित नजूल की जमीन कब्जाने के प्रयास के मामले में अवनीश दीक्षित समेत 13 नामजद और 20 अज्ञात लोगों के खिलाफ कोतवाली थाने में लेखपाल विपिन कुमार और कब्जाधारक सैमुअल सिंह ने डकैती व अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके बाद अवनीश और उसके कई करीबियों पर एक के बाद एक वसूली के कई केस दर्ज किए गए। सभी मामलों में जांच चल रही है।
कोतवाली प्रभारी संतोष कुमार शुक्ला ने बताया कि अवनीश के गिरोह को कानपुर रेंज स्तर पर रजिस्टर्ड किया गया है। यह कानपुर रेंज का पहला इंटर रेंज गैंग है, इसलिए इसे आईआर-वन नाम दिया गया है। गैंग लीडर अवनीश दीक्षित है और उसके 15 गुर्गे शामिल है। सोमवार देर रात पुलिस कमिश्नर अखिल कुमार के फाइल पर हस्ताक्षर होने के बाद अवनीश गैंग रजिस्टर्ड हो गया है। अब अवनीश और उसके साथियों के खिलाफ जल्द ही गैंगस्टर एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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गैंग में यह शातिर शामिल
किदवईनगर निवासी अवनीश दीक्षित, झांसी निवासी हरेंद्र मसीह, राहुल वर्मा, मौरिस एरियल, कमला एरियल, अभिषेक एरियल, अर्पण एरियल, जीतेश झा, जितेंद्र शुक्ला, संदीप, विवेक, मनोज यादव, मोहम्मद वसीम, इकलाख, विक्की चार्ल्स, अली अब्बास