राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष व पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी अजीत सिंह ने
प्रदेश की समाजवादी पार्टी सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि
लेखपाल भर्ती हो या एसडीएम सभी पदों पर नौकरियां बोली लगाकर बांटीं जा रही
हैं। गरीबों को नौकरियां नहीं मिल पा रही हैं, उस पर जाति व क्षेत्रवाद भी
हावी है। वह यहां बुधवार को बुंदेलखंड मुक्ति मोर्चा के तत्वावधान में
आयोजित बुंदेली महाधिवेशन में हिस्सा लेने आए थे।
सर्किट हाउस में
पत्रकारों से चर्चा करते हुए अजीत सिंह ने कहा कि प्रदेश में सरकार नाम की
कोई चीज नहीं है, हर ओर लूट खसोट मची हुई है। जनता इसका जवाब देने को आतुर
है। आगामी विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी का सूपड़ा साफ होना तय है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने ओलावृष्टि व अतिवृष्टि पीड़ित किसानों के
लिए पांच सौ करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जबकि सैफई के विकास का आठ सौ
करोड़ रुपये का प्रावधान है। इस दौरान उन्होंने बसपा को भी घेरा।
अजीत
सिंह ने कहा कि यादव सिंह ने मायावती के संबंधियों को हजारों करोड़ रुपये
का फायदा पहुंचाया। उन्होंने जेई को चीफ इंजीनियर बनाया। सपा ने इससे एक
कदम आगे बढ़कर यादव सिंह को तीन महत्वपूर्ण प्राधिकरणों का चीफ बना दिया।
अब सरकार सीबीआई जांच से घबरा रही है। प्रदेश की जनता अब परिवर्तन चाह रही
है। वहीं, उन्होंने कहा कि उप्र व मप्र में बंटा होने की वजह से बुंदेलखंड
पिछड़ा हुआ है, यहां गरीबी डेरा डाले हुए हैं। इस क्षेत्र के विकास के लिए
पृथक राज्य बनाया जाना जरूरी है।