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Jhansi News: एटीएस बंद, फिटनेस के लिए लागू होगी पुरानी व्यवस्था

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-शासन ने झांसी में पुरानी व्यवस्था लागू करने की बनाई योजना, केंद्रीय परिवहन मंत्रालय को लिखा पत्र
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-अवैध वसूली के आरोप में एटीएस संचालक समेत 10 पर एफआईआर कर भेजा जा चुका जेल
संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। आरोपों में घिरे एटीएस (ऑटोमेटिक टेस्टिंग स्टेशन) पर तालाबंदी के बाद प्राइवेट संचालक से कार्य छीनकर यहां फिर से पुरानी व्यवस्था लागू होगी। शासन ने इसके लिए केंद्रीय परिवहन मंत्रालय को पत्र लिखकर अनुमति मांगी है। अनुमति मिलते ही कार्यालय में पूर्ववत वाहनों की जांच कर फिटनेस प्रमाणपत्र जारी किए जाएंगे।
सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से एटीएस की स्थापना हुई और वाहनों की अत्याधुनिक मशीन से फिटनेस जांच की व्यवस्था की गई। दावा किया गया कि इससे जांच में पारदर्शिता आएगी, साथ ही जो सुविधा शुल्क देकर फर्जी प्रमाणपत्र हासिल करने की शिकायतें रहती थीं, उस पर रोक लगेगी। लेकिन ये सभी दावे फुस्स हुए। एटीएस पर भी वाहनों की जांच पर सवाल उठने शुरू हो गए। अवैध वसूली की शिकायतों के साथ यहां मनमाने तरीके से प्रमाणपत्र निर्गत किए जाने की बात सामने आई।
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अधिकारियों की टीम ने यहां जांच की तो अनियमितताओं का खुलासा हुआ। संचालक समेत 10 के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराकर गिरफ्तारी कराई गई। संचालक पर कार्रवाई के बाद एटीएस पर तालाबंदी हुई, इससे वाहनों की फिटनेस पूरी तरह ठप हो गई। वाहन चालकों को आर्थिक क्षति के मामले सामने आए। परिवहन विभाग के अफसरों ने शासन को पत्र लिखकर समस्या से अवगत कराया। इसके बाद शासन के प्रमुख सचिव अमित गुप्ता ने भी सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के सचिव को पत्र लिखकर एटीएस बंद कर व्यवस्था पूर्ववत लागू किए जाने की अनुमति मांगी। यह अनुमति शीघ्र होने की संभावना है, जिसके बाद वाहनों की फिटनेस जांच एटीएस के बजाय कार्यालय में फिर से शुरू की जाएगी।
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फिटनेस न होने से वाहन स्वामी परेशान, थमे कई गाड़ियों के पहिये
- एटीएस पर दो मई से फिटनेस जांच ठप है। वाहन स्वामी जिनके पहले से स्लॉट बुक हैं, वह यहां पहुंच रहे हैं, लेकिन नोटिस चस्पा देखकर लौट जा रहे हैं। एक दिन में करीब 40 वाहनों की फिटनेस के अनुमान से अब तक 400 से अधिक वाहनों की फिटनेस नहीं हो सकी। उनके वाहन फिटनेस के अभाव में खड़े हैं। उन्हें आर्थिक रूप से काफी नुकसान पहुंच रहा है।


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क्या थी पुरानी व्यवस्था
- एटीएस से पहले फिटनेस जांच की व्यवस्था विभागीय अफसरों के पास ही थी। वाहन स्वामी फिटनेस जांच के लिए अपना स्लॉट बुक कराकर तय तारीख पर वाहन के साथ कार्यालय पहुंचते थे। यहां आरआई वाहनों की जांच करते थे। वाहन में कमी है तो उसके सुधार के लिए कहा जाता था, वरना वाहन ठीक होने पर प्रमाणपत्र निर्गत कर दिया जाता था।
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वर्जन -
- एटीएस बंद कर वाहनों की फिटनेस जांच के लिए पूर्ववत व्यवस्था लागू होगी। इसके लिए शासन ने केंद्रीय परिवहन मंत्रालय को पत्र लिखकर अनुमति मांगी है। जल्द ही यह अनुमति प्रदान हो जाएगी। - डॉ. सुजीत सिंह, एआरटीओ प्रशासन, झांसी।
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