स्मार्ट सिटी बनने की दौड़ में शामिल झांसी सिर्फ 0.44 प्वाइंट से पिछड़ गया था। लेकिन, निराशा की कोई बात नहीं है है। अब जनवरी में फिर से रैंकिंग होगी, जिसमें शहर को स्मार्ट सिटी का दर्जा मिलने की उम्मीद लगभग तय मानी जा रही है।
स्मार्ट सिटी की दौड़ में शहर लगातार दो बार पिछड़ चुका है। 21 सितंबर को दूसरी बार भी शहर स्मार्ट सिटी की सूची में शामिल नहीं हो सका था। इसका लोगों को काफी मलाल था, वह जानना चाहते थे कि आखिर कितने नंबरों से शहर पिछड़ा है और क्या आगे भी शहर को स्मार्ट सिटी का दर्जा नहीं मिल पाएगा। हाल ही में आए रैंकिंग प्वाइंट के बाद तस्वीर साफ हो गई है। नगर आयुक्त अरुण प्रकाश ने बताया कि झांसी को बड़ोदरा से सिर्फ 0.44 प्वाइंट कम मिले और वह रैंकिंग से बाहर हो गया। बड़ोदरा के 55.38 प्वाइंट आए, जबकि झांसी के 54.94 प्वाइंट आए। उन्होंने कहा कि इससे निराशा तो हुई है, लेकिन झांसी की रिपोर्ट काफी हद तक बेहतर पाई गई है। भारत सरकार के समक्ष जल्द ही इसका प्रजेंटेशन होगा और जो कमियां बताई जाएंगी, उन्हें पूरा किया जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि जनवरी में स्मार्ट सिटी की तीसरी सूची जारी होगी, जिसमें झांसी का नंबर आ ही जाएगा। इतना ही नहीं शेष बचे शहरों की सूची में झांसी पहले नंबर पर चल रहा है, इसका फायदा मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि झांसी के अलावा प्रदेश का अन्य कोई शहर अभी इस दौड़ में शामिल नहीं है।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सौ शहरों को स्मार्ट बनाने की घोषणा की थी। इसमें से दो चरणों में साठ शहरों की घोषणा हो चुकी है। शेष चालीस शहरों का स्मार्ट सिटी घोषित किया जाना है। यह घोषणा जनवरी माह में होगी।
आचार संहिता का नहीं पड़ेगा असर
नगर आयुक्त ने बताया कि उप्र में विधानसभा चुनाव घोषित होने के बाद भी स्मार्ट सिटी घोषित करने पर आचार संहिता का असर नहीं पड़ेगा।