झांसी। व्हाट्सएप व सोशल मीडिया पर लड़कियों से अश्लील वीडियो कॉल करने में जिले के नेता, दरोगा समेत रेलकर्मी फंस गए हैं। रात में हुई बातचीत के नग्न वीडियो इनके पास पहुंचे तो इनके होश उड़ गए। साइबर अपराधी अब परिजन व रिश्तेदारों को वीडियो भेजने की धमकी देकर रुपये मांग रहे हैं। शिकायत पर साइबर थाना पुलिस ने ऐसे 25 मामलों की जांच शुरू कर दी है।
अब साइबर अपराधी नए तरीके से लोगों को फंसाकर अपना शिकार बना रहे हैं। ताजा मामला एक रेलकर्मी का है। रेलकर्मी के मोबाइल पर अश्लील व्हाट्सएप कॉल कर वीडियो बना लिया। पहले तो उनको कुछ पता नहीं चला, लेकिन सुबह जब उनके पास एक नंबर से वीडियो आया। इसे खोलकर देखते ही उनके होश उड़े गए। उनसे 50 हजार रुपये की मांग की गई। इस तरह का यह पहला मामला नहीं है। दो माह के भीतर न्यूड वीडियो कॉलिंग में 25 लोग शिकार हुए हैं। इनमें नेता, दरोगा, सिपाही, रेलकर्मी से लेकर छात्र भी शामिल हैं। साइबर थाना पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों ने भी मामले को गंभीरता से लिया है।
ऐसे बनाते शिकार
साइबर क्राइम थाना के उपनिरीक्षक राहुल सिंह ने बताया कि साइबर ठग लोगों को वॉट्सएप पर अश्लील वीडियो कॉल करते हैं। इनमें महिलाओं का उपयोग किया जाता है। जैसे ही कोई व्यक्ति कॉल रिसीव करता है, उसके सामने एक निर्वस्त्र महिला होती है। वह उससे बात करती है। इस दौरान वीडियो कॉल को रिकॉर्ड कर लिया जाता है। इसके बाद ठग इस आपत्तिजनक वीडियो को एडिट कर उस व्यक्ति को व्हाट्सएप पर भेजकर उसे ब्लैकमेल कर रहे हैं।
यह सावधानी जरूर बरतें
- सोशल मीडिया अकाउंट के प्रोफाइल को हमेशा लॉक रखें
- फेसबुक या इंस्टाग्राम प्रोफाइल को हमेशा ओपन ना करें
- देर रात में मैसेंजर वीडियो कॉल को रिसीव ना ही करें
- अगर किसी कॉल को रिसीव करते हैं तो हमेशा फेस को दूर रखें
- अगर ट्रैप में फंस भी जाएं तो डरे नहीं बल्कि तुरंत पुलिस को सूचना दें
केस 1
थाने का सिपाही फंसा
एक थाने में तैनात एक सिपाही का भी न्यूड वीडियो बना लिया गया। सिपाही ने शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है।
केस 2
महानगर के एक बीजेपी के नेता का भी न्यूड वीडियो बना लिया गया। उन्होंने भी शिकायती पत्र दिया है।
केस 3
एक रेलकर्मी का भी वीडियो बन जाने के बाद उनसे रुपयों की मांग की गई। रुपये न देने पर उनको वीडियो सार्वजनिक करने की धमकी दी जा रही है।
केस 4
एक दरोगा का भी वीडियो बनाया गया है। उनको धमकी दी जा रही है कि जल्द रकम खाते में नहीं डाली तो वीडियो रिश्तेदारों को भेज दिया जाएगा।
सोशल मीडिया व व्हाट्सएप पर आने वालीं ऐसी अंजान वीडियो कॉल से सतर्क रहें। यदि कोई शिकार भी हो जाता है तो इसमें डरने वाली बात नहीं है। तुरंत पुलिस से शिकायत करें। अपरिचित नंबरोें से कतई फोन रिसीव न करें। पुलिस ऐसे सभी मामलों में जांच कर रही है।
विवेक कुमार त्रिपाठी, एसपी सिटी नोडल अधिकारी/साइबर क्राइम थाना