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आरएसएसडीआई: ऐसे सम्मेलन से नई चिकित्सा पद्धतियां मिलतीं

Sun, 24 Apr 2016 01:05 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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doctors meet, jhansi news - फोटो : demo
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झांसी। ओरछा में डायबिटीज के डॉक्टर्स के प्रादेशिक वार्षिक अधिवेशन रिसर्च सोसाइटी फॉर स्टडी ऑफ डायबिटीज इन इंडिया-आरएसएसडीआई 2016 में पद्मश्री डॉ. डीके हाजरा, डॉ. एके गोविला ने कहा कि ऐसे सम्मेलनों से मरीजों को नई चिकित्सा पद्धतियां मिलती हैं।
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विशिष्ट अतिथि विधायक दीपनारायण सिंह यादव ने कहा कि ऐसे सम्मेलनों से एक दूसरे के विचार जानने का मौका मिलता है। विशेषकर युवा चिकित्सकों से सीखने को मिलता है। मेडिकल कॉलेज प्रधानाचार्य डॉ. एनएस सेंगर ने कहा कि रामराजा की नगरी में प्रदेश स्तरीय सम्मलेन होना सम्मान की बात है। डॉ. पीके जैन, डॉ. अनुज माहेश्वरी ने भी विचार रखे।

मुख्य अतिथि डॉ. सरिता बजाज व विशिष्ट अतिथि एमएलसी रमा निरंजन रहीं। कार्यक्रम के संयोजक डॉ. आरआर सिंह ने सभी का आभार जताया। संचालन डॉ. आरएस सेठी ने किया।
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इस दौरान डॉ. एनके सोनी, डॉ. जेपी पुरोहित, डॉ. नवनीत अग्रवाल, डॉ. नूतन अग्रवाल, डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार, डॉ. संगीता सिंह, डा. आभा सेंगर, डॉ. मांडवी अग्रवाल, डॉ. जकी सिद्दीकी, डॉ. रजीव कपूर मौजूद रहे।
वहीं, वैज्ञानिक सत्र के पहले दिन फ्री पेपर सेशन, स्टेट ऑफ आर्ट लेक्चर, मोटापा की वजह से मधुमेह कैसे होता है विषय पर गोरखपुर के डॉ. आलोक कुमार गुप्ता ने शोध पत्र प्रस्तुत किया।

इसके अलावा लखनऊ के डॉ. एनएस वर्मा, फैजाबाद के डॉ. वीरेंद्र सिंह, लखनऊ के डॉ. मनोज श्रीवास्तव, डॉ. अनुज माहेश्वरी, डॉ. कमलाकार त्रिपाठी, डॉ. मंगेश तिवास्कर, मुंबई के डॉ. दीपक जुमानी आदि ने भी शोध पत्र प्रस्तुत किए।

इन एरा ऑफ अर्फोडेविल ग्लिपटिन, विल सल्फोन्यूलेरिया टेक ब्रेकफास्ट विषयक वाद विवाद प्रतियोगिता में पक्ष में कानपुर के डॉ. दीपक याज्ञनिक और विपक्ष में नोएडा के डॉ. सेवल चक्रवर्ती ने विचार रखे। पब्लिक एजूकेशन एंड डायबिटीज अवेयरनेस प्रोग्र्राम राघवेंद्र नर्सिंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट में डॉ. रामबाबू सिंह, डॉ. डी नाथ के समन्वयन में किया गया।
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