झांसी। शस्त्र का लाइसेंस लेने का आवेदन अथवा नवीनीकरण कराने वालों के लिए अच्छी खबर। अब उन्हें पुलिस टेस्ट के दौरान लक्ष्य भेदने की बजाए सिर्फ शस्त्र थामने का सही प्रदर्शन करना होगा और शस्त्र को लेकर बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में बताना होगा।
कोर्ट के आदेश हैं कि शस्त्र लाइसेंस देने से पहले आवेदक को पुलिस टेस्ट की प्रक्रिया से गुजरना होगा ताकि शस्त्र शारीरिक व मानसिक रूप से स्वस्थ्य व्यक्ति के पास पहुंचे। इस आदेश का तत्कालीन एसएसपी किरण एस. ने रूप बदल दिया। उन्होंने फायरिंग रेंज पर टारगेट रखवा दिया और अधीनस्थों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जो टारगेट पर निशाना लगाएगा, उसी को पुलिस टेस्ट में पास माना जाए। इसका विरोध हुआ तर्क दिया कि टारगेट भेदने का लक्ष्य आम लोगों के लिए ही नहीं बल्कि पुलिस कर्मियों के लिए भी टेड़ी खीर है मगर किसी की भी एक न चली।
अब एसएसपी सुभाष चंद्र दुबे ने कोर्ट के आदेश का शत प्रतिशत पालन करने संबंधी निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि कोर्ट का आदेश टारगेट भेदने वाले को लाइसेंस देने का नहीं बल्कि यह है कि आवेदक की पुलिस परीक्षा ले। वह देखे कि आवेदक कहीं शारीरिक व मानसिक रूप से कमजोर तो नहीं। वह शस्त्र सही तरीके से थाम सकता है या नहीं। शस्त्र रखने के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में उसे जानकारी है या नहीं। उन्होंने बताया कि फायरिंग रेंज पर रखा गया टारगेट हटवाया जाएगा।