एरच क्षेत्र के जुझारपुरा मेें निर्माणाधीन बांध पर काम और तेज हो गया है। डेढ़ साल के भीतर ही बांध का 55 फीसदी काम पूरा कर लिया गया है। सिंचाई अफसर 2018 तक काम पूरा होने का दावा कर रहे हैं। इस बांध के बनने से जिले के पांच ब्लाकों के कई गांवों का पेयजल संकट दूर हो जाएगा।
नावार्ड से वित्त पोषित पारीछा बांध से चालीस किलोमीटर नीचे एरच क्षेत्र के जुझार गांव में बांध का निर्माण किया जा रहा है। इस बांध का शिलान्यास नौ मई 2015 को हुआ था। 721 करोड़ की लागत से बनने वाले इस बांध में नावार्ड को 498 करोड़ रुपये देना है, बाकी का बजट प्रदेश सरकार देगी। अभी तक बांध निर्माण के लिए 450 करोड़ की चार किस्तें जारी की जा चुकी हैं। चौथी किस्त के रूप में 100 करोड़ का बजट हाल में ही सिंचाई विभाग को उपलब्ध कराया गया है। बजट के लगातार मिलने से बांध का 55 फीसदी काम पूरा कर लिया गया है। इन दिनों पानी में कंक्रीट डैम के अलावा दस फीट ऊपर तक का हिस्सा बना लिया गया है। मुख्य अभियंता विनय श्रीवास्तव ने बताया कि बाकी बजट अगर समय पर मिल गया तो मार्च 2018 तक निश्चित अवधि में बांध का निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
ये फायदे
इस बांध की कुल क्षमता 62 मिलियन घन मीटर (एमसीएम) होगी और इसकी उपयोग क्षमता 56 मिलियन घन मीटर होगी। बांध 19 मीटर ऊंचा और 1400 मीटर लंबाई में बनाया जाएगा। इसमें बीस गेट होंगे। इस पानी से क्षेत्र की 1850 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी। पानी नहर के किनारे के खेतों में स्प्रिंकलर सिंचाई में भी इस्तेमाल होगा। बांध के बगल से कुछ पानी लगातार बहता रहेगा। इससे नदी सूख नहीं पाएगी और उसका अस्तित्व हमेशा बना रहेगा।