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पानी वाली नहीं, ‘नाली वाली धर्मशाला’ कहो

Fri, 17 Feb 2017 12:22 AM IST
jhansi
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पानी वाली नहीं, ‘नाली वाली धर्मशाला’ कहो - फोटो : demo
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आजमाइश कर रहे नेता आम जनता से आसमान से तारे तोड़कर लाने के वायदे कर रहे हैं। वहीं, एक महीने से मुहल्ला नरसिंहराव टौरिया के निवासी नाला जाम होने की समस्या से परेशान हैं, लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। मुहल्ले की जनता में इसलिए आक्रोश है कि सांसद, विधायक और महापौर एक ही पार्टी के होने के बाद भी इस ओर किसी का ध्यान नहीं जा रहा है। मजबूरन मुहल्लावासियों ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है। साथ ही कहा कि यदि समस्या हल नहीं हुई तो मतदान का बहिष्कार करेंगे। लेकिन, दो सौ साल पुराने नाला की जो स्थिति है, उससे नहीं लगता कि नगर निगम समस्या का आसानी से समाधान कर सकेगा। अब तो मुहल्लेवासी भी कहने लगे हैं कि यह पानी वाली नहीं, ‘नाली वाली धर्मशाला’ है।
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झांसी। पंचकुइयां से गणेश बाजार होते हुए नरिया बाजार निकलने वाले नाले पर बने मकानों के कारण उसकी सफाई नहीं हो पा रही है। लगभग दो सौ वर्ष पुराने यह नाला जाम हो चुका है, जिससे लोगों को दिक्कत हो रही है।  
 यह नाला प्राचीन गणेश मंदिर के नीचे से निकला है। इसी मंदिर में रानी झांसी की शादी हुई थी। जाहिर है कि नाले की उम्र करीब दो साल की हो चुकी है। गणेश बाजार से नरिया बाजार तक नाले के ऊपर पक्के मकान बन गए हैं। नाले की गहराई बीस से तीस फीट है। नाले का धरातल भी समझ में नहीं आता है। बरसात के समय नाले का पानी ओवरफ्लो होकर पानी वाली धर्मशाला (तालाब) में भरता रहा, लेकिन इस ओर किसी का ध्यान नहीं गया। नाला चोक हो जाने के कारण पानी नहीं निकल पा रहा है, जिससे गंदा पानी तालाब में भर रहा है। इसी धर्मशाला के पानी का उपयोग श्रद्धालु मंदिर में जलाभिषेक को करते हैं। 
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नगर निगम के अपर नगर आयुक्त रोहन सिंह, मुख्य सफाई एवं खाद्य निरीक्षक महेश चंद्र वर्मा, सफाई निरीक्षक एस. के. चौरसिया, सहायक अभियंता एम.एल. त्रिपाठी और अवर अभियंता वी.के. सोनी ने निरीक्षण किया। वह गणेश बाजार से लेकर नरिया बाजार तक निरीक्षण करने गए। उन्होंने कई घरों में घुसकर देखा तो पता चला कि नाले से आगे पंद्रह से लेकर बीस फुट तक अवैध कब्जा कर किसी ने मकान तो किसी ने दुकान बना ली है। करीब पचास मकान ऐसे पाए गए, जिनके नीचे से नाला निकला हुआ है।


मकानों के अंदर बने हैं चैंबर
नाले के ऊपर मकान और मकानों के अंदर नाला साफ करने के लिए चैंबर बने हुए हैं। नाले की गहराई अधिक है। चैंबर में घुसकर सफाई कर्मी के लिए नाला साफ करना किसी चुनौती से कम नहीं है।

शहीद पर गर्व, पर शहीद उनके घर में पैदा न हो
जनता का भी हाल अजीब है। नाले पर अतिक्रमण कर मकान बना लिए गए हैं। नाला चोक हो गया तो नगर निगम को गालियां बक रहे हैं, लेकिन अतिक्रमण हटाने की बात कोई नहीं करना चाहता। हां, नाले की बदबू से से सभी परेशान हैं।
  
अशोक प्याल को दी गई कमान
नाला की सफाई नगर निगम के लिए भी चुनौती बनी हुई है। नगर आयुक्त ने महसूस किया कि जो हवलदार अभी काम कर रहे हैं, वह समस्या हल नहीं कर पा रहे हैं। इसलिए सर्किल एक में तैनात सफाई हवलदार अशोक प्याल को मौके पर बुलवाया गया और अलग से आदेश जारी कि अशोक प्याल सफाई कराएंगे। उनके साथ नाला गैंग के पांच से दस सदस्य काम करेंगे। सफाई की प्रतिदिन रिपोर्ट दी जाएगी।

जाली लगाई जाएंगी
नाले में डिस्पोजल, पत्तल गिलास और पॉलीथिन का कचरा भरा पड़ा है। जो नाले को चोक करने में अहम भूमिका निभाता है। मुहल्लेवासियों की सलाह पर तय किया गया कि नाले में जालियां लगा दी जाएं, ताकि सिर्फ पानी जा सके और कचरा बाहर ही रुक जाए। बाद में उसे साफ कर दिया जाए।

चोर जालियां ले गए 
मुहल्लेवासियों ने बताया कि पहले नाले में जालियां लगी थीं, लेकिन अज्ञात बदमाश जालियां चुरा ले गए। इस कारण कचरा जमा हो गया। 


नाले पर रोक लगाकर कराएं सफाई
पंचकुइयां के पास नाले के पानी पर रोक लगा दी जाए और फिर सफाई कराई जाए, तभी कुछ हो सकता है। नाला बहुत गहरा है इसलिए जब तक पूरा पानी खाली नहीं हो जाएगा, तब तक इसकी सफाई हो पाना संभव नहीं है। नाले की बदबू के कारण मंदिरों में आने वाले श्रद्धालुओं में रोष है। इस कारण मतदान बहिष्कार करने का निर्णय लिया है।
- लक्ष्मण प्रसाद शर्मा
अध्यक्ष, तहसील बार एसोसिएशन

मजबूरी में करना पड़ रहा मतदान का बहिष्कार
नाला देखते- देखते 70 साल हो गए, लेकिन अब तक कभी ऐसी समस्या नहीं आई कि नाला चोक हो गया हो और साफ न हो पा रहा हो। आसपास रहने वालों को बड़ी तकलीफ हो रही है, क्योंकि बदबू के कारण बुरा हाल है। यदि जल्द सफाई नहीं कराई गई तो बीमारियां फैल जाएंगी। मतदान का बहिष्कार मजबूरन करना पड़ेगा।
- महेश शर्मा

पहले ऐसा नहीं था
पचास साल हो गए नाला देखते- देखते, लेकिन ऐसी समस्या कभी नहीं देखी। पहले पानी वाली धर्मशाला का पानी काफी पवित्र माना जाता था, क्योंकि तालाब के तीन तरफ मंदिर हैं। श्रद्धालु इसी तालाब में नहाते थे और पानी से भगवान का अभिषेक करते थे। अब उसमें नालियों की गंदगी जा रही है। नगर निगम को इस ओर ध्यान देना चाहिए।
- जयप्रकाश बबेले

रविवार से करेंगे अनशन, फिर करेंगे मतदान का बहिष्कार
रोजाना प्रभात फेरी निकालते हैं, लेकिन सुबह- सुबह कीचड़ में होकर जाना पड़ता है। इससे श्रद्धालुओं में रोष पनप रहा है। यदि जल्द ही समस्या का समाधान नहीं किया गया तो रविवार से अनशन शुरू कर देंगे। यदि इसके बाद भी नाले की सफाई नहीं हुई तो मतदान का बहिष्कार करेंगे। तालाब के किनारे प्राचीन मंदिर बने हैं, जिनसे आस्था जुड़ी है।
- अनिल दीक्षित 

वोट मांगने आ रहे समस्या से मतलब नहीं
नाले के ऊपर से बहुत से मकान बन गए हैं, लेकिन नगर निगम इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। इस कारण यह समस्या आ गई है। गंदा पानी धर्मशाला में भर रहा है। यदि नियमित सफाई होने लगे तो समस्या हल हो जाएगी, लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा। चुनाव में वोट मांगने तो सभी पार्टियां आ रही हैं, पर किसी को नाले की समस्या से मतलब नहीं। अब केवल मतदान का बहिष्कार ही अंतिम निर्णय है।
- कैलाश गुप्ता::
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प्रयास किया जा रहा
नाले की समस्या का समाधान करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। इस बात पर भी मंथन चल रहा है कि नाले का रास्ता बदलकर उसे लोकमान्य तिलक कन्या इंटर कालेज के पास से होकर जाने वाले नाले से जोड़ दिया जाए। 
 - अरुण प्रकाश
नगर आयुक्त

सफाई कराई जा रही
नाला वर्षों पुराना है। उस पर कब्जा भी है। मुहल्लेवालों को परेशानी न हो, इसलिए नाले की सफाई कराई जा रही है। नाला साफ होने के बाद उसका कोई और हल खोजा जाएगा, ताकि मुहल्ले वालों को परेशानी नहीं हो।
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- किरन वर्मा
महापौर
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