झांसी। वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के कारण लॉकडाउन लगा है। चैत्र की कड़ी धूप के बाद भी आशा कार्यकर्ताओं व एएनएम के उत्साह में कोई कमी नहीं है। यह महिला योद्धा लोगों को लॉकडाउन का पालन करने को प्रेरित कर रही हैं। साथ ही हाउस मैंपिग कार्य के दौरान बाहर से आए बीमारों को भी चिह्नित कर रही हैं। इनका कहना है, कि यह हम सभी की सामाजिक जिम्मेदारी है, कि देश का प्रत्येक नागरिक स्वस्थ रहें और सरकार के निर्देशों का पालन करे।
कोरोना वायरस जैसी महामारी से बचाव व लोगों को जागरूक करने में महिलाएं भी पीछे नहीं हैं। एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं का कहना है, कि उन्हें पूरे दिन कड़ी धूप में हाउस मैपिंग का कार्य करना पड़ता है। कई बार लोग अपने घरों के दरवाजे भी नहीं खोलते हैं। जानकारी देने में सहयोग भी नहीं करते हैं। लेकिन हमारी जो जिम्मेदारी है। उसे शत-प्रतिशत पूर्ण करना ही हमारा लक्ष्य है।
कड़ी धूप पड़ रही है। लेकिन हाउस मैपिंग के कार्य में हम सभी पूरे उत्साह से लगे हुए हैं। हालांकि कई लोग जानकारी देने में पर्याप्त सहयोग नहीं करते हैं। ऐसे में परेशानी आती है।
हेमलता यादव एएनएम
आवश्यक सावधानी के साथ हम लोग कार्य कर रहे हैं। लोगों को कोरोना वायरस को लेकर जागरूक करते हैं। ताकि हमारे देश के सभी लोग स्वस्थ रहे।
सरोज यादव एएनएम
घर - घर जाकर बाहर से आए बीमारों का पता लगाते हैं। थोड़ा डर तो लगता है। लेकिन यह हमारी सामाजिक जिम्मेदारी है, जिसे हम लोग बखूबी निभा रहे हैं।
सावित्री तिवारी आशा कार्यकर्ता
कई घरों में लोग सहयोग नहीं करते हैं। कड़ी धूप में चक्कर लगाने पड़ते हैं। वहीं घर का काम सुबह जल्दी से निपटा कर अपनी जिम्मेदारी निभाने में जुट जाती हूं।
ज्योति पाठक आशा कार्यकर्ता
सावित्री तिवारी, आशा कार्यकत्री।
सरोज यादव, एएनएम।