झांसी। जिले में राजकीय किशोरी संप्रेक्षण गृह बनाया जाने को प्रदेश सरकार ने स्वीकृति दे दी है।
आपराधिक घटनाओं से संबंधित 18 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को जेल भेज दिया जाता है, परंतु इससे कम आयु वर्ग की किशोरियों को संप्रेक्षण गृह में रखे जाने का प्रावधान है। वर्तमान में पूरे बुंदेलखंड में किशोरी संप्रेक्षण गृह नहीं है, जिससे उक्त किशोरियों को बाराबंकी भेजना पड़ता है।
इसमें प्रशासन को परेशानी उठानी पड़ती है। साथ ही संबंधित बालिकाओं व किशोरियों के परिजन भी परेशान होते हैं। लेकिन, आने वाले दिनों में यह परेशानी नहीं रहेगी।
ऐसी बालिकाओं व किशोरियों के लिए झांसी में किशोरी संप्रेक्षण गृह स्थापित किया जा रहा है। प्रदेश सरकार ने इसकी स्वीकृति प्रदान कर दी है। यहां खोले जाने वाले संप्रेक्षण गृह में झांसी व चित्रकूट मंडल के सातों जनपदों की किशोरियों को रखा जाएगा। शुरुआत में संप्रेक्षण गृह में 30 किशोरियों को रखने की व्यवस्था होगी। आवश्यकतानुसार यह संख्या बढ़ा दी जाएगी।
‘किशोरी संप्रेक्षण गृह फिलहाल किराये के भवन में संचालित किया जाएगा। इसके लिए भवन चिह्नित कर लिया गया है। जल्द ही इसे शुरू करने की तैयारी है।’
- राजीव शर्मा, जिला प्रोबेशन अधिकारी