झांसी। जिले भर में राशन कार्ड धारकों के सत्यापन के दौरान लगातार अपात्र सामने आ रहे हैं। आलम यह है कि अब तक दो हजार यूनिटों को निरस्त किया जा चुका है। इसमें अधिकांश लोग ऐसे हैं, जिनके पास चार पहिया वाहन या आलीशान मकान हैं। इसके अलावा तमाम अपात्र कार्रवाई के डर से खुद ही कार्यालय पहुंचकर कार्ड वापस कर रहे हैं।
शासन की ओर से राशन कार्डधारकों के सत्यापन के निर्देश दिए हैं। शासन ने कहा है कि लॉकडाउन के दौरान राशन कार्ड बनवाने वाले कार्डधारकों का सत्यापन किया जाए। इसे लेकर पूर्ति विभाग की टीम ने टीमों का गठन किया है। तहसील स्तर पर टीमें बनाई गई हैं। टीमों ने घर-घर जाकर राशन कार्डों के सत्यापन का काम शुरू कर दिया है। जिसमें अब तक करीब दो हजार यूनिटों को निरस्त किया जा चुका है। अपात्रों में सबसे ज्यादा तादाद चार पहिया वाहन और आलीशान मकान वालों की है।
इसके साथ ही कई जगहों पर सरकारी कर्मचारी भी राशन लेते पाए गए हैं। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक तमाम अपात्र कार्डधारक कार्यालय आकर ही कार्ड वापस कर गए हैं। इनमें रेलवे कर्मचारी सबसे ज्यादा हैं। क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी महेश चंद्र गौतम ने बताया कि राशन कार्डधारकों का सत्यापन किया जा रहा है। इसमें अपात्र सामने आ रहे हैं। साथ ही कई लोग कार्रवाई के डर से खुद ही कार्ड वापस कर रहे हैं।