झांसी। जिस तरह से पूजा का कत्ल हुआ है उससे साफ है कि हत्यारा कोई करीबी ही है। पूजा उसे जानती थी। पुलिस ने मोबाइल कॉल डिटेल तलाशनी शुरू कर दी हैं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि कुछ सुराग हाथ लग रहे हैं। बृहस्पतिवार की शाम से शुक्रवार की सुबह तक आने वाले फोन देखे जा रहे हैं। पूजा के पति ने पुलिस को जो जानकारी दी है उसके मुताबिक भोर में भी एक फोन आया था जिसे पूजा ने सुना। पुलिस ने दावा किया है कि वारदात का जल्द ही खुलासा कर दिया जाएगा।
पूजा के मोबाइल पर 8 कॉल आईं हैं। जबकि पांच कॉल की गईं हैं। पुलिस ने इन सभी नंबरों की जानकारी लेनी शुरू कर दी है। कुछ फोन पूजा ने अपने मायके में भी किए हैं। एक कॉल के बारे में प्रदीप जायसवाल ने पुलिस को बताया कि दो दिन पहले पूजा फोन पर किसी से जमीन को लेकर बात कर रही थी। काफी गुस्से में थी। जब उसने पूछा तो कहने लगी कि एक खेत का मामला है अब सब ठीक हो गया है। हालांकि शुरूआत में संपत्ति का विवाद भी माना जा रहा था लेकिन जब पुलिस ने पूछताछ का दायरा बढ़ाया तो कोई जमीन का विवाद भी अभी तक खुलकर सामने नहीं आया है। इससे साफ है कि हत्या के पीछे कुछ और ही वजह है। पुलिस पति-पत्नी के रिश्तों को लेकर भी परिवार वालों से जानकारी कर रही है।
पहले पति-पत्नी शाम की सैर को साथ जाते थे लेकिन पूजा तीन दिन से अकेले मार्निँग वॉक को जाने लगी थी
झांसी। अगर पूजा के पति प्रदीप जायसवाल की मानें तो पहले दोनों लोग साथ में शाम की सैर को घर से निकलते थे। लेकिन पूजा तीन दिन से अकेले ही मार्निंग वॉक को जा रही थी। प्रदीप का एक पैर कमजोर है जिसके कारण वह सही से चल नहीं पाता। उसने स्कूटी ले रखी है। इसी स्कूटी पर पत्नी को बैठाकर पार्क में ले जाता था। वह पार्क में बैठ जाता था जबकि पत्नी घूमती रहती थी। अब पूजा ने अचानक मार्निंग वॉक क्यों शुरू की। पति के साथ क्यों नहीं जा रही थी। यह कई सवाल ऐसे हैं जिनकी पड़ताल भी पुलिस ने शुरू कर दी है। पुलिस ने घटना के बाद प्रदीप से पूरी जानकारी ली। प्रदीप ने तो किसी से दुश्मनी होने से ही इंकार कर दिया। जमीन जायदाद का भी कोई विवाद नहीं है।
सोने की चेन भी गले में पड़ी थी और कानों में टॉप्स भी
झांसी। एक बात तो साफ हो गई है कि यह वारदात लूट के लिए नहीं हुई है। क्योंकि पूजा के गले में सोने की चेन और कानों में सोने में टॉप्स पड़े थे। अगर यह वारदात लूट के लिए होती तो बदमाश सोने के आभूषण लूटकर ले जाते। इससे साफ है कि पूजा का पूरी प्लानिंग के साथ कत्ल किया गया है। बदमाशों के पास पूरी जानकारी थी कि पूजा किस समय मार्निंग वॉक के लिए घर से निकलेगी। घटना को भी उस स्थान पर अंजाम दिया गया जहां सुनसान थी।
अगर पुलिस की मानें तो घटना सुबह को साढ़े पांच बजे से छह बजे के बीच की है। जिस वक्त हत्या की गई उस समय पूजा वापस लौट रही थी। इस समय यहां इक्का दुक्का लोग ही घूमते हैं। हत्यारों ने इसी का फायदा उठाया और हत्या कर दी। एक गोली मारी गई है। पुलिस को मौके से एक कारतूस और एक खोखा भी मिला है। पुलिस का कहना है कि कोई ऐसा व्यक्ति आसपास नहीं मिला है जिसने घटना को देखा हो या फिर हत्यारों के बारे में कुछ बताने की स्थिति में हो।
झांसी। पुलिस ने आसपास के कई सीटीवी कैमरे खंगाले हैं। सुबह के वक्त निकलने वाले लोगों को देखा गया है। बताया जा रहा है कि पुलिस को कई अहम सुराग भी मिले हैं। जिसके आधार पर कुछ लोगों को पूछताछ के लिए थाने पर लाया गया है।
जिस स्थान की घटना है वह कमिश्नरी के पास की है। पुलिस ने यहां लगे सभी सीसीटीवी कैमरे खंगाले हैं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि 8 कैमरों को देखा गया है। कुछ प्वाइंट पर सुराग मिले भी हैं। दो प्वाइंट पर कैमरे ही खराब बताए गए हैं।
साथ में रहते थे चारों भाई
चार भाइयों में प्रदीप जायसवाल सबसे छोटे हैं। वह अपने भाई धनीराम, ओमप्रकाश व दिलीप के साथ एक ही मकान में रहते हैं। सभी के हिस्से अलग-अलग हैं। प्रदीप एक पैर से कमजोर होने के साथ ही ब्लडप्रेशर व ब्रेन ट्यूमर की बीमारी से जूझ रहे हैं। उनके पास तीन कार हैं, जिनको वह किराए पर चलवाते हैं। अन्य भाई अलग-अलग काम करते हैं। पूजा का मायका मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में थाना सिंगरौली के सिरईग्रास गांव में है। सूचना मिलने के बाद मायके पक्ष के लोग भी झांसी के लिए रवाना हो गए। पुलिस मायके पक्ष के लोगों से भी जानकारी लेगी।
19 नवंबर को ओरछा में मनाई थी शादी की सालगिरह
प्रदीप की शादी पूजा से साल 19 नवंबर 2013 में हुई थी। शादी के सात साल पूरे होने पर सभी ने जश्न मनाया था। शादी की सालगिरह की पार्टी ओरछा के एक होटल में हुई थी। पूजा की तीन साल की बेटी शिविका भी है। आठ दिन पहले घर में जश्न मना था, लेकिन शुक्रवार को अचानक हुए हादसे के बाद कोहराम मचा हुआ है। परिजन भी कुछ बताने की स्थिति में नहीं है। प्रदीप व उनके बड़े भाई धनीराम का कहना है कि उनकी किसी से कोई रंजिश नहीं है। ऐसे में किसने घटना को अंजाम दिया, इसके बारे में कुछ नहीं बता सकते।
झांसी। बीकेडी से चित्रा चौराहा के बीच का इलाका शहर केे पॉश इलाकाें में शुमार है। इस मार्ग पर जिलाधिकारी आवास से लेकर, विकास भवन, सर्किट हाउस, कमिश्नर कार्यालय व उनका आवास बना हुआ है। लेकिन कमिश्नर कार्यालय के सामने हुई सनसनीखेज हत्या ने पॉश इलाकों की सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े किए हैं। वारदात के समय अधिकारियों के आवासों पर कोई पुलिसकर्मी तैनात नहीं था। यदि चित्रा चौराहा पर पुलिस होती तो शायद हत्यारे पुलिस की गिरफ्त मेें होते।
शुक्रवार सुबह पूजा की हत्या ने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। ऐसे में शहर का पॉश इलाका भी अब सुरक्षित नहीं रहा। बेखौफ बदमाश घटना को अंजाम देकर भाग निकले। चित्रा चौराहा भी पुलिस के न होने का फायदा भी बदमाशों को मिला। वह आराम से चित्रा चौराहा पार कर निकल गए। बीकेडी चौराहा से चित्रा चौराहा के बीच बड़े अधिकारियों के आवास व कार्यालय बने हुए हैं। पुलिस भी गश्त करती रहती है। लेकिन शुक्रवार सुबह हुई घटना के समय कोई भी पुलिसकर्मी इर्दगिर्द मौजूद नहीं था।