झांसी। नगर निगम ने 3.85 करोड़ रुपये खर्च कर दतिया गेट के बाहर पीतांबरा नगर स्थित ऐतिहासिक गुलाम गौस खां पार्क का सुंदरीकरण किया था। लोगों को उम्मीद जगी थी कि अब यहां की गंदगी और असामाजिक तत्वों से निजात मिल जाएगी। लेकिन, नगर निगम पार्क पर रुपये खर्च कर उसका ठीक से रख-रखाव करना भूल गया।
स्थानीय निवासी प्रतिपाल सिंह ने बताया कि पार्क में प्रतिदिन सैकड़ों परिवार अच्छी हवा लेने और टहलने के लिए आते हैं। घनी आबादी के बीच स्थित यह पार्क आसपास के लोगों के लिए महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थल है, लेकिन यहां अपेक्षा के अनुरूप पौधरोपण तक नहीं हुआ है। हरियाली कम होने से पार्क का उद्देश्य ही अधूरा नजर आता है। लोगों के बैठने के लिए पर्याप्त बेंच नहीं हैं और सफाई व्यवस्था भी प्रभावित रहती है। पार्क की बाउंड्री जगह-जगह टूटी होने से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
नितिन के मुताबिक, पार्क में असामाजिक तत्वों का जमावड़ा बना रहता है और कुछ लोग देर रात तक वहां बैठे रहते हैं। इससे सामान्य परिवारों को परेशानी होती है। सुबह-शाम बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की आवाजाही वाले इस सार्वजनिक स्थल पर सुरक्षा और अनुशासन बनाए रखना जरूरी है। इसके बावजूद टूटी चारदीवारी की मरम्मत और निगरानी के इंतजामों को लेकर सवाल बने हुए हैं।
पार्क के सुंदरीकरण और जीर्णोद्धार के लिए उत्तर प्रदेश शासन की उपवन योजना के तहत 3.85 करोड़ रुपये स्वीकृत किए जाने की जानकारी सामने आई है। इसके बाद भी धरातल पर काम, नियमित सफाई, पर्याप्त पौधरोपण, बैठने की व्यवस्था और सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की गई।
शहीद के नाम पर पार्क, बदहाली से पहचान धूमिल
1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में रानी लक्ष्मीबाई के साथ लड़ने वाले वीर योद्धा गुलाम गौस खां के नाम पर बना यह पार्क ऐतिहासिक महत्व रखता है। ऐसे स्थल का उपेक्षित रहना न केवल स्थानीय लोगों की सुविधाओं से जुड़ा सवाल है, बल्कि शहर की ऐतिहासिक विरासत के रखरखाव पर भी प्रश्नचिह्न लगाता है।
काम कराए जाएंगे
गुलाम गौस खां पार्क में हरियाली के लिए मियावाकी पद्धति से पौधरोपण कराया गया है। कई अन्य विकास कार्य भी हुए हैं। बजट प्राप्त होते ही प्रस्तावों के आधार पर बचे हुए कार्यों को भी जल्द पूरा कराया जाएगा।
-राजवीर सिंह, मुख्य अभियंता, नगर निगम।