झांसी। कोरोना संक्रमण ने एकाएक शहर के अधिकांश लोगों को अपने आगोश में ले लिया है। जिसके चलते दिन प्रतिदिन मरीजोें बढ़ रहे हैं। साथ ही मरने वालों की संख्या में भी रोजाना इजाफा हो रहा हैै। मृत्यु के आंकड़े अधिक होने के कारण अर्थियों की मांग काफी बढ़ गई है। मांग बढ़ते ही अंतिम संस्कार करना भी महंगा हो गया है। अर्थी के दाम आठ सौ रुपए से बढ़कर पंद्रह सौ रुपए कर दिए गए हैं।
शहर में सीपरी बाजार, सदर बाजार, गोविंद चौराहा, नगरा व गंधीगर का टपरा स्थित बांस वाली गली में अंतिम संस्कार के सामान की बिक्री की जाती है। अंतिम संस्कार में पांच मीटर कपड़ा, मखाने, घी, कपूर, जौ का आटा, पंचरतन, इत्र, शहद, चटाई, तिल, जौ, गुलाल, अगरबत्ती के साथ ही अर्थी का इस्तेमाल आवश्यक होता है। आम दिनों में अंतिम संस्कार का सामान आठ सौ रुपए में मिल जाता है। लेकिन कोरोना काल में अधिक मौतें होने के साथ ही माल की आपूर्ति कम होने का सीधा असर दामों पर पड़ा है।
बांस वाली गली में अंतिम संस्कार दुकान के संचालक अखिलेश ने बताया कि शहर भर में एकाएक अधिक मौतें होने के कारण सामान की कमी पड़ गई थी। सिर्फ हमारी ही दुकान से एक दिन में औसतन 70 लोग अंतिम संस्कार का सामान लेने के लिए आ रहे थे। जिससे दामों में इजाफा हो गया था। लेकिन अब बिक्री सामान्य की तरह ही हो रही है। वर्तमान में रोजाना पंद्रह लोग ही अंतिम संस्कार का सामान लेने आ रहे हैं।