झांसी। कोहरे के दौरान भी ट्रेनों की आवाजाही बिना किसी बाधा और खतरे के हो सकेगी। सर्दियों में धुंध में रेल हादसों से बचाने के लिए ट्रेनों को एंटी फॉग डिवाइस से लैस कर दिया गया है। इससे ड्राइवरों को सिग्नल व क्रॉसिंग की जानकारी आसानी से मिल सकेगी। रविवार तक 300 डिवाइस ट्रेनों में लगा दिए गए हैं।
कोहरे में ट्रेनों के सुरक्षित संचालन के लिए झांसी मंडल को 300 एंटी फॉग डिवाइस ट्रेनों में लगा दिए गए हैं। ड्यूटी समाप्त होने के बाद लोको पायलट डिवाइस को लॉबी में जमा करा देंगे, जिसे बाद में दूसरे लोको पायलट को दिया जा सके। यह डिवाइस जीपीएस सिस्टम से जुड़े हैं। इस डिवाइस के जरिये ट्रेनों का समय संचालन पटरी पर लाने में काफी मदद मिलेगी। झांसी मंडल से तीन सौ से अधिक ट्रेनें निकलती हैं। यहां से निकलनेे वाली शताब्दी एक्सप्रेस, पंजाब मेल, सदर्न एक्सप्रेस, जीटी एक्सप्रेस, तमिलनाडु एक्सप्रेस, यूपी संपर्क क्रांति एक्सप्रेस, दादर अमृतसर एक्सप्रेस, गोवा एक्सप्रेस, श्रीधाम एक्सप्रेस समेत समेत रात में गुजरने वाली ट्रेनों में यह डिवाइस लगा दिया गया है। इस डिवाइस की मदद से ट्रेन चालकों को कोहरे में भी क्रॉसिंग और सिग्नल की आसानी से जानकारी मिल सकेगी।
डिवाइस से यह फायदा
ट्रेनों के इंजन में लगने वाली फॉग सेफ्टी डिवाइस ग्लोबल पोजीशनिंग सिस्टम पर आधारित है। यह रूट की मैपिंग करता है। इस डिवाइड में रूट के सभी सिग्नलों की जानकारी होती है। इस कारण कोहरे में भी ट्रेनों की रफ्तार कम नहीं होती है। इससे सिग्नल के एक किलोमीटर पहले ही डिवाइस का अलार्म बजने लगता है, जिससे लोको पायलट सतर्क हो जाते हैं।
ऐसा करता काम
डिवाइस में यह फीड कर दिया जाता है कि कितनी दूरी पर कौन सी क्रॉसिंग है, कितनी दूरी पर सिग्नल है। क्रॉसिंग या सिग्नल से करीब पांच सौ मीटर पहले डिवाइस लोको पायलट को सतर्क कर देगी। ऐसे में दृश्यता कम होने पर चालक सावधान हो जाएगा और विवेक से काम लेगा। जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि चालक इंजन में इसको लगाकर सुरक्षित ट्रेनों का संचालन करेंगे। इससे कोहरे में किसी भी प्रकार के हादसे का डर नहीं रहेगा।