झांसी। शनिवार की रात को मुख्यमंत्री की मौजूदगी में चप्पे-चप्पे पर फोर्स था। चौराहे ही नहीं मुहल्लों तक में गश्त हो रही थी। पुलिस की सायरन बजाती गाड़ियां कभी इधर जातीं तो कभी उधर। हर कोई खुद को महफूज महसूस कर रहा था। सभी ने कहा भी... अगर पुलिस रोज इतनी एक्टिव रहे तो अपराध खत्म हो जाएं। लेकिन अगली ही रात (रविवार) को जब अमर उजाला टीम सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने निकली तो तस्वीर एकदम अलग थी। चौराहों पर हमें पुलिस नहीं दिखी। पुलिस सहायता केंद्र खाली पड़े थे। आसपास के लोगों और राहगीरों से जब बात की गई तो सभी ने कहा कि हमें तो कहीं कोई चौकसी दिखी नहीं।
समय- रात को 8:20, स्थान बीकेडी चौराहा: यह व्यस्त चौराहा है। ग्वालियर रोड पर सर्किट हाउस के करीब है। यहां सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर कहीं कोई पुलिस वाला नजर नहीं आया। हमने जब पास के दुकानदार मनीष ने बात की तो उसका कहना था कि दोपहर को दो बजे तक यहां भारी पुलिस बल था लेकिन उसके बाद से तो कोई दिखा नहीं है। हो सकता है कि देर रात से ड्यूटी शुरू हो। एक अन्य दुकानदार खलीलउर रहमान का कहना था कि दो दिन से तो खूब पुलिस यहां थी। अब हो सकता है कि लगातार रात को जाग रहे हैं थोड़ी देर बाद आएं।
समय- रात को- 8:35, स्थान इलाइट चौराहा: यह चौराहा शहर का सबसे व्यस्त और प्रमुख माना जाता है। महानगर का हर बड़ा रास्ता यहां से होकर गुजरता है। लेकिन सुरक्षा के नाम पर यहां भी खामोशी दिखी। राहगीर राजकुमार यादव ने कहा कि एक घंटे से वह इस क्षेत्र में हैं लेकिन अभी तक तो कोई दिखा नहीं। हो सकता है कि रात को दस बजे से ड्यूटी शुरू हो। चौराहे के पास रहने वाले प्रकाश गुप्ता ने बताया कि वह तो कई दफा यहां से निकल चुके मगर पुलिस नहीं दिखी। हो सकता है कि आसपास में कहीं बैठे हों।
समय- रात को 8:45, स्थान कचहरी चौराहा: यह चौराहा काफी व्यस्त माना जाता है। यहां शाम को सात बजे के बाद से ही सन्नाटा हो जाता है। सुरक्षा व्यवस्था रहनी चाहिए। लेकिन हमें कहीं पुलिस वाले नहीं दिखे। अगर कहीं आसपास बैठे हों तो कह नहीं सकते। एवट मार्केट निवासी कमल ने बताया कि वह सदर बाजार से आ रहे हैं वहां से कचहरी चौराहा तक कहीं पुलिस वाले नहीं दिखे। जबकि मुख्यमंत्री की मौजूदगी में हर जगह पुलिस थी।
समय- रात को 8:50, स्थान बस स्टैंड: इस बस स्टैंड से कानपुर, लखनऊ और आसपास के इलाकों को बसें जाती हैं। यहां जो पुलिस सहायता केंद्र था वह भी खाली पड़ा था। पुलिस भी कहीं नजर नहीं आई। यहां मोंठ निवासी राहुल बस के इंतजार में बैठे थे। राहुल ने बताया कि वह तो एक घंटे से यहां मौजूद हैं लेकिन पुलिस कहीं नहीं दिखी। हमीरपुर जिले के राठ निवासी मोहित गुप्ता भी बस का इंतजार कर रहे थे। उन्होंने बताया कि वह 45 मिनट से यहां मौजूद हैं लेकिन पुलिस नहीं दिखी।