बड़ागांव के पारीछा थर्मल पावर प्लांट के पास 13 अप्रैल को यूपी एसटीएफ ने मुठभेड़ के दौरान उमेश पाल हत्याकांड के आरोपी बदमाश असद और गुलाम को मार गिराया था। एसटीएफ अफसरों के मुताबिक दोनों बदमाश उस समय बजाज डिस्कवर गाड़ी पर सवार होकर मोंठ से झांसी जा रहे थे।
असद एक दिन पहले चिरगांव पहुंचा था। यह बाइक उनको कैसे मिली, इस बारे में 14 दिन बाद भी पुलिस कुछ बताने को राजी नहीं। यह बाइक बड़ागांव थाने के भीतर खड़ी है। उसका चेसिस नंबर किसी नुकीली चीज से खुरच कर नष्ट कर दिया गया है। इससे बाइक का चेसिस नंबर पढ़ने में नहीं आ रहा। बाइक का लॉक भी टूटा है। इस वजह से बाइक चाभी से स्टार्ट नहीं हो सकती। बाइक को स्टार्ट करने के लिए तार काटकर नीचे से जोड़ा गया है लेकिन, यह बाइक असद के हाथ कैसे आई इस बारे में पुलिस कुछ भी नहीं बता रही है।
वहीं, जिस रास्ते से असद और गुलाम भागने की कोशिश कर रहे थे, उस रास्ते को लेकर भी कई सारे सवालों का जवाब अभी तक एसटीएफ एवं पुलिस ने नहीं दिया है। पुलिस ने पहले दोनों बदमाशों ने चिरगांव के पास एक पेट्रोल पंप में पेट्रोल भरवाने की बात कही गई लेकिन, बाद में उसने पेट्रोल पंप के बारे में भी बताने से इनकार कर दिया। बुधवार को इस पूरे मामले की जांच करने पहुंचे दल ने ऐसे ही कई सारे सवालों के बारे में एसटीएफ अफसरों से भी पूछताछ की। पुलिस अफसरों का कहना है कि जांच लंबित होने की वजह से इस बारे में कोई बयान नहीं दिया जा सकता।