संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जनपद में कुत्ते के साथ बिल्ली, बंदर व अन्य जानवर भी लोगों को जख्मी कर रहे हैं। विभागीय आंकड़ों के अनुसार प्रतिदिन 35 से 40 लोगों पर वार कर रहे हैं। इनमें 25 से 30 को कुत्ता व तीन से चार लोगों को बिल्ली, दो से तीन लोगों को बंदर व चार को अन्य जानवर काट रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि मेडिकल कॉलेज, सीएचसी व पीएचसी पर इंजेक्शन की डोज पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है।
जिले में कुत्ते, बिल्ली व बंदर और अन्य जानवरों का आतंक बढ़ रहा है। विभागीय आंकड़ों पर गौर करें तो जिले में कुत्ते प्रतिमाह 850 से 900 लोगों को काट रहे हैं। वहीं बिल्ली भी 100 से अधिक लोगों पर वार कर रही है। साथ ही बंदर भी प्रतिमाह 70 से 80 लोगों को जख्मी कर रहे है। इसके अलावा अन्य जानवर भी 100 लोगो को काट रहे हैं। इस तरह से घटनाएं बढ़ने से कई क्षेत्रों में लोग कुत्ता, बंदर व बिल्ली को देखकर ही भय लगने लगता है। कई जगह कुत्ताें के झुंड देखकर बच्चे ही नहीं बड़े तक रास्ता बदल लेते हैं। मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन 12 से 15 नए मरीज पंजीयन कराकर एंटी रैबीज लगवाने पहुंच रहे हैं। इसी तरह छह सीएचसी पर प्रतिदिन 20 से 25 मरीज एंटी रेबीज लगवाने पहुंच रहे हैं।
सीएमओ डॉ. इम्तियाज अहमद का कहना है कि मेडिकल कॉलेज में लगभग 460 से 500 वायलें उपलब्ध है। इसके अलावा प्रत्येक सीएचसी पर 80 से 100 वायलें उपलब्ध है। वहीं पीएचसी पर भी 15 से 20 वायलें स्टॉक कराईं गई हैं। आने वाले सभी मरीजाें को एंटी रैबीज लगवाया जा रहा है।
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लगाने पड़ते हैं चार इंजेक्शन
कुत्ते के काटने पर मरीजों को एंटी रेबीज इंजेक्शन लगाया जाता है। प्रत्येक मरीज को चार-चार इंजेक्शन लगाए जाते हैं। पहला इंजेक्शन पहले दिन या दूसरे दिन, इसके बाद तीसरे दिन, सातवें और 28वें दिन इंजेक्शन लगाए जाते हैं।
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छह माह में यह रही जानवरों के काटने की स्थित
माह - कुत्ता - बिल्ली - बंदर - अन्य - कुल
जनवरी - 964 - 46 - 13 - 18 - 1041
फरवरी - 905 - 50 - 75 - 45 - 1075
मार्च - 1042 - 65 - 96 - 84 - 1287
अप्रैल - 800 - 91 - 108 - 91 - 1090
मई - 782 - 75 - 65 - 95 - 1017
जून - 882 - 107 - 76 - 131 - 1196
कुल - 5375 - 434 - 433 - 464 - 6706