अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। मेडिकल कॉलेज के पास एक नर्सिंग होम में ऑपरेशन के बाद मरीज की मौत से नाराज परिजनों ने रविवार दोपहर जमकर हंगामा किया। इसकी सूचना पर पुलिस पहुंच गई। पुलिस से भी उनकी नोकझोंक हुई। काफी समझाने-बुझाने के बाद वह शांत हुए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मामले की छानबीन शुरू कर दी।
थाना सीपरी बाजार के नंदनपुरा मोहल्ला निवासी रामलाल परिहार (43) पुत्र सीताराम जीविकोपार्जन के लिए ऑटो चलाता था। परिजनों के मुताबिक, 14 मई को उल्टी-खांसी के साथ सांस लेने में दिक्कत आने पर वह अपने छोटे भाई के साथ स्कूटी में बैठकर नर्सिंग होम में आया। जांच करके बताया गया कि हार्ट में दिक्कत है। इस वजह से ऑपरेशन करना होगा। शुक्रवार को ऑपरेशन हुआ, लेकिन डेढ़ घंटे बाद ही डॉक्टरों ने बताया कि उसके बचने की उम्मीद कम है।
परिजनों का आरोप है कि गलत तरीके से सीने में चीरा लगाया गया। परिवार के लोगों को भी मिलने नहीं दिया गया। रविवार सुबह उसे ग्वालियर रेफर कर दिया गया। इसी दौरान रामलाल ने दम तोड़ दिया। इसके बाद परिजन बिफर उठे। डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। हंगामा देख डॉक्टर निकल भागे। इसकी सूचना पर नवाबाद पुलिस पहुंच गई। परिजन डॉक्टरों की गिरफ्तारी समेत अस्पताल सीज किए जाने पर अड़ गए। सीओ सिटी स्नेहा तिवारी के मुताबिक, शव का डॉक्टरों के पैनल के साथ पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई करेंगे।
इनसेट
स्कूटी में बैठकर आए थे, अब अर्थी पर ले जाना पड़ रहा है...
रामलाल की मौत होने से परिवार के लोग बदहवास हो उठे। बहन लक्ष्मी, मां शकुंतला समेत अन्य बिलखने लगे। रोते-बिलखते बहन लक्ष्मी नर्सिंग होम में मौजूद हर किसी से कह रही कि 14 मई को तबीयत खराब होने पर भइया स्कूटी पर बैठकर आए थे। परिवार के लोग उनका इंतजार कर रहे थे। उन्होंने बताया था कि दवा लेकर थोड़ी देर में लौट आऊंगा। आरोप लगाया कि यहां गलत जांच करके उन्हें भर्ती कर लिया गया। पैसों के लिए डॉक्टर ने गलत ऑपरेशन करके मेरा भाई मुझसे छीन लिया। मेरा भाई स्कूटी से आया था, उसे अर्थी पर लेकर जाना पड़ रहा है।