झांसी। सोमवार को झांसी आए पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार से उनके नेता भी खुश नहीं है। सभी एकदूसरे से दुखी होने के साथ-साथ सरकार व अफसरों से भी दुखी हैं। भाजपा के विधायक आपस में झगड़ रहे हैं। बस इन बातों से सभी का ध्यान भटकाने के लिए समाजवादियों पर फर्जी मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं।
अखिलेश ने कहा कि सपा के पूर्व सांसद रमाकांत यादव को दबाव बनाकर जेल भेजा गया। विधायक इरफान सोलंकी और पूर्व विधायक दीपनारायण सिंह यादव को साजिश का शिकार बनाकर जेल भेजने का काम किया गया। बनारस में ईवीएम मामले में गलती प्रशासन की थी, परंतु मुकदमे समाजवादियों पर दर्ज हुए। यहां तक कि बलिया में पत्रकारों को जेल भेजने का काम किया।
अपने कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाते हुए उन्होंने सैनिक स्कूल, 500 बेड के अस्पताल, पैरा मेडिकल आदि का जिक्र किया। साथ ही कहा कि यहां पीएम और सीएम का कई बार आना हुआ, परंतु उनसे यहां के लोगों को कुछ नहीं मिला। सरकार ने डायल 100 सेवा नाम बदलकर कबाड़ा कर दिया। यही हाल एंबुलेंस सेवा का भी किया। वहीं, राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा पर कहा कि हमारी भावना भी देश जोड़ने की है।
स्वागत में दर्ज कर रहे हैं मुकदमे
झांसी। कानपुर जेल में बंद विधायक इरफान सोलंकी पर अखिलेश की मुलाकात के बाद मुकदमे दर्ज किए जाने व पूर्व विधायक दीपनारायण पर मुलाकात से पहले गैंगस्टर का मुकदमा दर्ज होने पर अखिलेश ने कहा कि सरकार मुकदमे दर्ज कर समाजवादियों का स्वागत कर रही है। वे बता रहे हैं कि समाजवादी सरकार आए तो ऐसा ही काम आप करना।
केशव प्रसाद पर जमकर हमला बोला
झांसी। पिछले दिनों डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य का बयान आया था कि सपा का जन्म अपराधियों को संरक्षण देने के लिए हुआ है, इस पर अखिलेश ने मौर्या पर निशाना साधते हुए कहा कि उनका जन्म फर्जी पर्ची बेचने के लिए हुआ था, जिसका केशव प्रसाद पर मुकदमा भी दर्ज है। अखिलेश ने कहा कि डिप्टी सीएम निवेशकों को आमंत्रण देने विदेश गए थे, वहां के लोगों ने उन पर दर्ज एफआईआर भी मालूम कर ली होगी। वैसे भी पिछली सरकार में उनके पास पीडब्ल्यूडी था और इस बार उनके पास जो विभाग है, उसका कोई बजट ही नहीं है। केशव प्रसाद का इस सरकार में डिमोशन हुआ है।
सरकार विरोधी नारे लगाए
झांसी। अखिलेश यादव को दोपहर ढाई बजे जेल पहुंचना था, लेकिन वे 3.27 बजे वहां पहुंचे। इसके कई घंटे पहले से ही बड़ी संख्या में सपाइयों का जेल के बाहर जुटना शुरू हो गया था। अखिलेश के पहुंचते ही उन्होंने जमकर नारेबाजी की। इस दौरान पुलिस प्रशासन के खिलाफ भी नारेबाजी की गई।
दीपनारायण के घर पहुंचकर परिजनों से मिले
झांसी। जेल से निकलकर अखिलेश यादव पूर्व विधायक दीपनारायण सिंह यादव के आरटीओ ऑफिस के पास स्थित घर पर पहुंचे। यहां तकरीबन आधे घंटे तक रुककर दीपनारायण की पत्नी निवाड़ी की पूर्व विधायक मीरा यादव, बेटे मून यादव समेत अन्य परिजनों भेंट की। परिजनों को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। साथ ही कहा कि इस लड़ाई में पूरी समाजवादी पार्टी उनके साथ खड़ी हुई है। इसके बाद वे सपा के महानगर अध्यक्ष तनवीर आलम और विधानसभा चुनाव में सपा प्रत्याशी रहे सीताराम कुशवाहा के घर भी गए। शाम को सर्किट हाउस में व्यापारियों और पार्टी के नेताओं से भेंट की। इस दौरान डा. रघुवीर चौधरी, चंद्रप्रकाश मिश्रा, महावीर भार्गव, बृजेंद्र यादव आदि मौजूद रहे।
जेल अफसरों की मौजूदगी में हुई मुलाकात
झांसी। अखिलेश यादव की पूर्व विधायक दीपनारायण सिंह यादव से मुलाकात जेल के कार्यालय में कराई गई। मुलाकात के दौरान जेल के अफसर भी मौजूद रहे। वहीं, जेल में बंद बंदियों से मिलने आमतौर पर रोजाना पांच-छह सौ लोग पहुंचते हैं, परंतु सोमवार लगभग डेढ़ सौ लोग ही पहुंचे। दोपहर एक बजे तक सभी की मुलाकात कराकर वापस कर दिया गया।
एमएलसी नहीं हो पाए दाखिल
झांसी। अखिलेश के साथ कालपी विधायक विनोद चतुर्वेदी, पूर्व सांसद डा. चंद्रपाल सिंह यादव, पूर्व एमएलसी श्यामसुंदर सिंह, जिलाध्यक्ष महेश कश्यप व मून यादव जेल पहुंचे। पूर्व विधायक से मुलाकात के दौरान डा. चंद्रपाल सिंह व मून यादव उनके साथ रहे। जबकि, बाद में पहुंचे स्नातक एमएलसी मानसिंह यादव को जेल परिसर के बाहर ही रोक दिया गया।