अमर उजाला के नारी गरिमा के साझा संकल्प ‘अपराजिता: 100 मिलियन स्माइल्स’ के तहत कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें महिलाओं के लिए संचालित आशा ज्योति केंद्र (वन स्टाप सेंटर) के विषय में जानकारी दी गई। बताया गया कि ये सेवा चौबीसों घंटे महिलाओं की सहायता के लिए तत्पर है। इसकी मदद लेने के लिए फोन (181) भर करना होता है। इस दौरान नारी गरिमा को अक्षुण्ण बनाए रखने की शपथ भी ली गई।
रानी महल के पास स्थित डाटाटेक कंप्यूटर सेंटर में आयोजित कार्यशाला में आशा ज्योति केंद्र की मनोवैज्ञानिक /परामर्शदाता शोभलता कुमारी ने बताया कि आशा ज्योति केंद्र चौबीसों घंटे महिलाओं की सहायता के लिए तत्पर है। ये महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में स्थित है। कोई महिला मदद मांगने के लिए यदि केंद्र तक नहीं आ सकती है, तो टोल फ्री नंबर 181 पर भी सूचना दे सकती है।
केंद्र के लोग मय पुलिस के महिला के पास पहुंचेंगे। जरूरी नहीं कि केवल अपने लिए ही मदद मांगी जाए, बल्कि आपके आसपास भी कोई महिला पीड़ित है, तो उसकी भी सूचना टोल फ्री नंबर पर दी जा सकती है। इस दौरान बच्चों के हैल्पलाइन नंबर 1098, वुमंस पावर लाइन 1090 व डायल 100 की भी जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में आशा ज्योति केंद्र की रामसखी, गुड्डन देवी समेत संस्थान के डायरेक्टर विकास पांडेय, स्वाति भारद्वाज, स्नेहा खान, साहिबा, नेहा, निकिता, सुरेंद्र आदि मौजूद रहे।
महिलाओं की सुरक्षा के लिए सरकार की ओर से कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं, लेकिन जानकारी के अभाव में महिलाएं इनका इस्तेमाल नहीं कर पाती हैं। इनके ज्यादा से ज्यादा प्रचार की आवश्यकता है-
अंजली यादव
महिलाओं के लिए हैल्पलाइन सेवाएं संचालित करना अच्छी बात है, लेकिन समाज का वातावरण ही ऐसा होना चाहिए कि महिलाओं को किसी की मदद की आवश्यकता न पड़े-
चांदनी अहिरवार
महिलाएं किसी से कम नहीं हैं, ये वे साबित भी कर चुकी हैं। देश की सीमाओं की रक्षा भी महिलाएं कर रही हैं। आवश्यकता तो बस खुद पर भरोसा रखने की है। आत्मविश्वास बढ़ाना होगा-
स्नेहा खान
वन स्टाप सेंटर वाकई अच्छी सेवा है, लेकिन ज्यादातर महिलाओं को इसकी जानकारी ही नहीं है। इस तरह के आयोजन से जागरूकता बढ़ती है। ये लगातार होते रहने चाहिए-
स्वाती द्विवेदी