‘अपराजिता: 100 मिलियन स्माइल्स’ के तहत शनिवार को ‘जागरूकता संगोष्ठी’ हुई, जिसमें महिलाओं को आशा ज्योति केंद्र की कार्यप्रणाली बताई गई। इस दौरान उनसे कहा गया कि जो महिलाएं सक्षम हैं, वे समाज के वंचित वर्ग की महिलाओं की मदद के लिए आगे आएं। एक-दूसरे की सहायता से ही समाज और देश आगे बढ़ेगा। इस दौरान नारी गरिमा को अक्षुण्ण बनाए रखने की शपथ भी ली गई।
एक होटल में आयोजित संगोष्ठी में आशा ज्योति केंद्र की प्रबंधक अमृता तिवारी ने बताया कि आशा ज्योति केंद्र और वन स्टॉप सेंटर का संचालन केंद्र और प्रदेश सरकार द्वारा संयुक्त रूप से किया जा सकता है। ये महिलाओं की सहायता के लिए है। किसी भी विपरीत परिस्थिति में महिलाएं 181 पर कॉल कर सहायता मांग सकती हैं। केंद्र की टीम उनके पास पहुंचेगी। उन्हें पुलिस सहायता तो दी ही जाएगी, साथ ही चिकित्सीय सेवा भी प्रदान की जाएगी। केंद्र महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में स्थित है। महिलाएं केंद्र पर पहुंचकर भी संपर्क कर सकती हैं।
इस दौरान केंद्र प्रबंधक ने कन्या सुमंगला योजना की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ये योजना एक अप्रैल 2019 के बाद जन्म लेने वाली बेटियों के लिए है। इसके तहत उन्हें पैदा होने से लेकर उच्च शिक्षा तक सरकार की ओर से आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इस मौके पर अंशु शर्मा, रुचि अग्रवाल, प्रीति मोदी, ममता बंसल, रेनू माहेश्वरी, सरिता, पूजा अग्रवाल, बबली अग्रवाल, लता अग्रवाल आदि मौजूद रहीं।