झांसी। मधुमेह, ह्रदय, किडनी, कैंसर, सीओपीडी व अस्थमा समेत तमाम रोगों से पीड़ित लोग और बुजुर्गों समेत जिले की लगभग 30 फीसदी आबादी को कोरोना वायरस के इस संक्रमणकाल में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। रोगियों और बुजुर्गों की प्रतिरोधक क्षमता कम होने की वजह से नई बीमारी घेरने का खतरा ज्यादा रहता है। इसलिए इन लोगों को लॉकडाउन का पूरा पालन करते हुए बेवजह घरों से बाहर नहीं निकलना चाहिए।
पथरीली धरती होने के कारण स्टोन व उसके बाद संक्रमण होने से झांसी ही नहीं पूरे बुंदेलखंड में किडनी रोगियों की संख्या बहुत अधिक है। मधुमेह व हाइपरटेंशन होने और दर्द निवारक गोलियों का अधिक इस्तेमाल करने से भी किडनी रोग होता है। इसके अलावा तंबाकू का अधिक सेवन करने के कारण कैंसर ने भी बड़ी आबादी को अपनी चपेट में ले रखा है। इसके अलावा टीबी, अस्थमा, सीओपीडी, हृदय, हाइपरटेंशन से पीड़ित रोगियों की संख्या मिलाकर 3.80 लाख के आसपास है। जिले की 20 लाख की आबादी में बुजुर्गों की संख्या लगभग चार लाख है। इनमें से आधे इन बीमारियों की चपेट में हैं। इस तरह आंकड़ों से स्पष्ट है कि जिले के लगभग छह लाख लोग यानी 30 फीसदी आबादी को कोरोना वायरस के इस संक्रमणकाल में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
ये हैं रोगियों के आंकड़े
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जिले की आबादी - 20 लाख
मधुमेह रोगी - 1.50 लाख
कैंसर रोगी - 60 हजार
हृदय रोगी - 50 हजार
किडनी रोगी - 50 हजार
अस्थमा रोगी - 30 हजार
सीओपीडी रोगी - 30 हजार
टीबी - 10 हजार