झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग विभाग में टीक्यूप-3 प्रोजेक्ट अंतर्गत कार्यरत शिक्षक ने निष्कासन के बाद गंभीर आरोप लगाए हैं। शिक्षक का आरोप है कि बेबुनियाद कारणों का हवाला देते हुए उसे नौकरी से निकाला गया है। वहीं, आईईटी के अधिकारी का कहना है कि शिक्षक झूठ बोल रहा है।
टीक्यूप-3 प्रोजेक्ट अंतर्गत कार्यरत शिक्षक राजकुमार सिंह के मुताबिक बीते मार्च में वह नैसकॉम की महत्वपूर्ण ट्रेनिंग के लिए संस्थान की लिखित अनुमति के बाद आईआईटी गुवाहटी गया था। दो अन्य शिक्षक भी प्रशिक्षण के लिए उसके साथ गए थे। शिक्षक ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रशिक्षण से लौटने के बाद सिर्फ उसे ही आईईटी विभाग के डीन प्रो. एसके कटियार ने बेबुनियाद कारणों का हवाला देते हुए सहायक आचार्य के पद से बर्खास्त कर दिया। वैश्विक महामारी और लॉकडाउन के समय में बिना किसी गलती के यह कार्रवाई की गई है। पिता दो साल से लकवाग्रस्त हैं, उनका इलाज चल रहा है।
शिक्षक राजकुमार सिंह की ड्यूटी परीक्षा कार्य में लगी हुई थी। इसके बावजूद वह मुझसे बिना अनुमति लिए ट्रेनिंग में चले गए। वापस आने पर कुलपति के निर्देश पर जब शिक्षक से कारण पूछा गया तो एससी-एसटी आयोग में बेवजह के आरोप लगाते हुए शिकायत कर दी। जांच में शिक्षक के आरोप गलत साबित हो चुके हैं। आवेदन करने के पहले अनुमति नहीं ली, आदेशों के उल्लंघन करने, झूठी शिकायत करने पर शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
- प्रो. एसके कटियार, डीन इंजीनियरिंग।