जालसाजों द्वारा नरेश के पास भेजा गया चेक।
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झांसी। जालसाजों ने मोबाइल कॉल पर ठगी में विश्वास बढ़ाने के लिए नए- नए तरीके अपनाने शुरू कर दिए हैं। ऐसे ही एक मामले में एक व्यक्ति को कॉल कर उसको 25 लाख रुपये ड्रा निकलने का झांसा दिया गया। चेक की फोटो व कुछ वीडियो भी भेजे गए। दोबारा जो कॉल आए वो भी संबंधित व्यक्ति का ही नंबर था।
प्रेमनगर के बिजौली चौकी क्षेत्र के नरेश अहिरवार के पास पांच जुलाई को 0022249288881 नंबर से मोबाइल पर कॉल आया कि मैं राणा प्रताप बोल रहा हूं। कौन बनेगा करोड़पति के पांच विजेताओं में उनका 25 लाख रुपये का लकी ड्रा निकला है। इनाम की इस राशि को पाने के लिए उनको बैंक एकाउंट व आधार नंबर की कॉपी व्हाट्सएप करनी होगी। वे विश्वास में आ गए और उन्होंने एकाउंट नंबर और आधार कार्ड की कॉपी को व्हाट्सएप कर दी। दोनों की कापियां भेजने के बाद जो कॉल आया उसमें जो नंबर आया वो भी नरेश का ही था। इस बार नरेश से 25 लाख रुपये का चेक लेने से पूर्व जीएसटी के रूप में 16150 रुपये खाते में जमा करने के लिए कहा गया। जालसाज ने विश्वास बढ़ाने के लिए नरेश के मोबाइल पर 25 लाख रुपये के चेक की फोटो भेज दी। चेक पर पीएम मोदी, अमिताभ बच्चन और नरेश की फोटो लगी थी। साथ ही पांच वीडियो भी भेजे गए, जिनमें तीन में लोग रुपये गिनते नजर आ रहे हैं। एक वीडियो में युवती 16150 रुपये बैंक में जमा करने जाने की बात कह रही है। दूसरे वीडियो में एक युवक रकम जीतने की बात कहकर खुशी जाहिर कर रहा है। जालसाजों ने वीडियो के माध्यम से तानाबाना इस तरह बुना की लोग यकीन करने के लिए मजबूर हो जाएं। इसके बाद उनके पास कई कॉल आए, जिनमें बैंक में जाकर जल्द रुपये जमा करने का आग्रह किया गया।
मंगलवार की सुबह नरेश ने इस मामले से अपने दोस्त विजय राय को अवगत कराया। विजय ने कहा कि इस बार फोन आए तो मेरी बात कराना। मैं बैंक मैनेजर बनकर बात करूंगा। विजय ने कॉल आने पर बैंक मैनेजर बनकर बात की। इसके बाद नरेश के पास कॉल नहीं आया।
- पुलिस के पास अभी मामले की लिखित शिकायत नहीं आई है। शिकायत आने पर जांच की जाएगी। वैसे लोगों से आग्रह है कि वे इस तरह के किसी भी कॉल पर खुद से जुड़ी कोई जानकारी न दें।
राहुल मिठास, पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण)।
तमाम लोग हो चुके हैं ठगी का शिकार
मोबाइल पर ठगी का खेल सालों से चल रहा है। तमाम लोग ठगी का शिकार बनकर अपने लाखों रुपये गवां चुके हैं। पीड़ित हर बार पुलिस से शिकायत करते हैं, लेकिन जिन नंबरों से कॉल आते हैं। वे अधिकांश दूसरे राज्यों से आते हैं। संसाधनों की कमी के कारण पुलिस के लिए जालसाजों के पास तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है।