झांसी। लॉकडाउन के कारण अक्षय तृतीया पर विवाह के आयोजन संभव नहीं है। घरों में ही लोग अक्षय कलश की स्थापना कर अपने इष्ट देव की पूजा अर्चना करेंगे। सिद्धेश्वर सहित अन्य मंदिरों से भगवान परशुराम की जयंती पर अभिषेक, श्रृंगार, आरती का लाइव प्रसारण श्रद्धालुओं के लिए होगा।
सनातन धर्म में अक्षय तृतीया पर्व का बड़ा महत्व है। विवाह सहित सभी मांगलिक कार्य इस तिथि में आयोजित होते है। लेकिन इस बार लॉकडाउन के कारण त्योहार पर कोई भी निजी अथवा सामाजिक समारोह नहीं होंगे। मंदिरों में श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक रहेगी। आचार्य हरीओम पाठक ने बताया कि त्योहार पर अक्षय कलश रखकर पूजा अर्चना होती है। इससे महिलाओं को अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है। उन्होंने सभी सनातन धर्म के लोगों का आह्वान किया कि वह अपने - अपने घरों में धर्म ध्वज लगाये और शाम को दीप अवश्य प्रज्ज्वलित करें।
सोने की खरीदारी नहीं कर सकेंगे लोग
अक्षय तृ़तीया पर सोना खरीदने की प्राचीन परंपरा है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन सोने की खरीदारी से घर में सुख समृद्धि की वृद्धि होती है। लेकिन लॉकडाउन के कारण इस बार अधिकांश लोग इस परंपरा से वंचित होंगे। क्योंकि अन्य बाजारों की तरह सराफा बाजार बंद है। वहीं, अधिकांश सराफा व्यापारियों द्वारा होम डिलीवरी की सुविधा नहीं है। सराफा व्यापार कमेटी के महामंत्री अतुल किलपन के अनुसार पूरा वर्ष का 15 प्रतिशत व्यापार अक्षय तृतीया पर ही होता है। वह पूरी तरह से प्रभावित हुआ है। शादियों के आभूषण भी नहीं बन सके हैं। लॉकडाउन से कारीगरों से लेकर सभी छोटे बडे़ सराफा व्यापारी प्रभावित है।