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Jhansi News: रेलवे की नौकरी करेंगे ''''एआई'''' इंजीनियर, गैंगमैन और इलेक्ट्रीशियन

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वसीम शेखझांसी। रेलवे में अब सामान्य कर्मचारियों के साथ ही एआई से बने इंजीनियर, गैंगमैन और इलेक्ट्रीशियन नौकरी करेंगे। झांसी रेल मंडल में कहीं भी रेल फ्रैक्चर, इंजन, सिग्नल और ओएचई में खामी आती है तो एआई से बने रोबोट उसे ठीक करने के साथ ही रेल प्रशासन को इसकी सूचना भी देंगे। इसके लिए रोबोट को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
कई बार रेलवे में मानवीय भूल के चलते बड़े हादसे हो जाते हैं, जिसमें रेलवे को जान-माल का नुकसान उठाना पड़ता है। लेकिन, अब झांसी रेल मंडल ने हादसों पर लगाम लगाने और तकनीकी विकास के लिए एआई (आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस) को अपनाया है। यहां इंजीनियर, गैंगमैन और इलेक्ट्रीशियन के रूप में रोबोट तैयार किए जा रहे हैं। इन रोबोट में मंडल से गुजरने वाली 121 ट्रेन, तीन हजार किमी लंबी पटरी, इंजन, सिग्नल, एचई, 350 छोटे-बड़े ब्रिज व ट्रेन के आठ हजार से अधिक पहियों की एक-एक जानकारी फीड की जा रही है। साथ ही मंडल में लगाए जाने वाले सेंसर और ऑटोमेटिक सिग्नल का भी डाटा अपलोड किया जा रहा है। कहीं भी कोई खामी आती है तो रोबोट तत्काल रेलवे अधिकारियों को अलर्ट दे देगा। साथ ही उस खामी को कैसे ठीक किया जा सकता है, यह भी बताएगा।
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- पटरी की उम्र पूरी होने से पहले बता देगा एआई इंजीनियर
अभी रेलवे ट्रैक की उम्र और उसमें आई खामी के लिए रेलवे अल्ट्रासोनिक प्रणाली का सहारा लेता है। अब पूरे ट्रैक में कहीं पर भी कोई कमी आती है तो एआई इंजीनियर के साथ लगे सेंसर से विभाग को जानकारी मिल जाएगी। साथ ही तकनीक यह भी बता देगी कि पटरी को अब बदलने का समय आ गया है।



रेल फ्रैक्चर की पहले मिल जाएगी जानकारी

सर्दियों में अक्सर रेल फ्रैक्चर के मामले सामने आते हैं। अभी यह तब पता चल पाता है जब ट्रैक मेंटेनर पटरी के पास जाकर उसे हथौड़े से ठोंककर देखते हैं। एआई गैंगमैन से ऐसा करने की जरूरत भी नहीं रह जाएगी। फ्रैक्चर होने पर एआई गैंगमैन पहले ही सूचना दे देगा।
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मंडल में एआई तकनीक का इस्तेमाल शुरू करने जा रहे हैं। इससे रेल संरक्षा को सुनिश्चित किया जा सकेगा। अभी मशीन लर्निंग और डाटा फीडिंग का काम किया जा रहा है। इसके बाद एआई तकनीक से पूरे रेल पथ पर नजर रखी जाएगी।

-मनोज कुमार सिंह, जनसंपर्क अधिकारी, झांसी रेल मंडल।
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