आगरा से हाइजैक हुई बस के मामले में अब नया मोड़ सामने आया है। बस की खोजबीन करते हुए झांसी पहुंचे बस मालिक के रिश्तेदारों का दावा है कि बस को किसी भी फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी नहीं ले गए हैं।
झांसी निवासी बस मालिक के रिश्तेदार गगन का आरोप है कि बस हाइजेक होने में बड़ी साजिश है। अब तक बस की कोई भी लोकेशन नहीं मिल सकी है। थोड़ी देर पहले रिश्तदार खोजबीन करते हुए झांसी आए।
यहां एसएसपी व डीएम से भी मुलाकात कर उन्होंने इसे साजिश बताते हुए कई तरह की जानकारी दी है। झांसी के पुलिस अफसर लगातार आगरा के अधिकारियों के संपर्क में है। हालांकि इस मामले में अब तक अधिकारियों ने कोई भी जानकारी नहीं दी है।
एसएसपी झांसी ने भी इस मामले में कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया है। वहीं हाईजैक हुई बस में सवार गुरुग्राम के एक यात्री ने भी कई हैरान करने वाली बातें बताई हैं।
यात्री धर्मेंद्र ने बताया कि वह गुरुग्राम से मंगलवार को 3:20 बजे छतरपुर की बस में बैठा था। जब बस आगरा पहुंची तो कंडक्टर ने सभी यात्रियों को उतारकर दूसरी बस में बैठने को कहा।
उन्होंने बताया कि जब यात्रियों को दूसरी बस में भेजा जा रहा था तो बस के कर्मचारियों की कुछ अन्य लोगों से बहस हो रही थी। मौके पर गाली-गलौज भी हो रहा था।
ग्वालियर पहुंचने पर एक बार फिर सभी यात्रियों को दूसरी बस में बिठाया गया, जिससे सब लोग सीधे झांसी आए। झांसी से उसी बस से सभी यात्री नौगांव पहुंचे जहां पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है।
यात्री ने बताया कि बस में किसी तरह का विवाद नहीं हुआ था। हालांकि बस के कर्मचारियों का कुछ बाहरी लोगों के साथ विवाद चल रहा था। हाईजैक होने की बात पर यात्री ने साफ कहा कि किसी तरह के हथियार का प्रयोग नहीं किया गया था और पूरे सफर के दौरान बस को हाईजैक नहीं किया गया था।