झांसी। रेलवे स्टेशन वाहन स्टैंड का ठेका फिर चर्चाओं में है। उच्चतम रेट डालने वाले ठेकेदार द्वारा हाई कोर्ट जाने व वहां से आए आदेश के बाद फिलहाल एक बार फिर ठेका को अग्रिम आदेश तक रोक दिया गया है।
रेलवे स्टेशन पर कार पार्किंग समेत पांच साइकिल स्टैंड हैं। इन स्टैंडों का तीन साल के ठेके का समय दस दिसंबर 2014 को पूरा हो गया था। इसके बाद से ठेके का संचालन एक्सटेंशन पर चल रहा है। विगत 26 अगस्त को वाहन स्टैंड के लिए चार ठेकेदारों ने अपने टेंडर डाले थे। इनमें ठेकेदार लक्ष्मण सोनकर ने 84 लाख, सादिक अली ने 810786, वर्तमान ठेकेदार संतोष समाधिया ने 810663 व एक अन्य ठेकेदार ने 77 लाख रुपये रेट डाले थे।
टेंडर खुलने पर लक्ष्मण सोनकर का ठेका फाइनल कर दिया गया। मगर, रेल प्रशासन ने प्रपत्रों की जांच में कमी बताकर पहले की जगह दूसरे नंबर के ठेकेदार को ठेका प्रदान कर दिया। तीन नवंबर की रात बारह बजे नए ठेकेदार को चार्ज लेना था।
इधर, लक्ष्मण सोनकर ने रेल प्रशासन के निर्णय के खिलाफ उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर दी। दो नवंबर को जारी अपने आदेश में उच्च न्यायालय ने रेल प्रशासन को छह हफ्तों में नियम के हिसाब से टेंडर देने के निर्देश दिए हैं। इस आदेश के बाद रेल प्रशासन ने अग्रिम आदेश तक वाहन स्टैंड की चार्ज प्रक्रिया पर रोक लगा दी है।
हालांकि, इस मामले में जनसंपर्क अधिकारी गिरीश कंचन ने बताया कि टेंडर प्रक्रिया में कुछ कमी रह गई थी, इस कारण नए ठेकेदार की चार्ज प्रक्रिया को रोकना पड़ा। एक- दो दिन में प्रक्रिया को पूरा कर लिया जाएगा। वहीं, संबंधित ठेकेदार ने कहा कि रेलवे से उनका एक प्लेटफार्म पर एक स्टाल को लेकर वाद चल रहा है, इस कारण उन्हें ठेका नहीं दिया गया।
मालूम हो कि, इसके पूर्व स्टैंडों के ठेका के लिए चार ठेकेदारों ने आवेदन दाखिल किए थे। इनमें से तीन ठेकेदारों ने क्रमश: 71 लाख, 73 लाख व 76 लाख के रेट डाले थे, जबकि एक ठेेकेदार ने 83 लाख रेट डालकर प्रतिस्पर्धा को खत्म कर दिया था। मगर, कागजी कार्रवाई पूरी न होने पर यह ठेका निरस्त कर दिया गया था।
बाद में रेलवे ने 27 मई को एक ठेकेदार को तीन माह के लिए कुटेशन पर वाहन स्टैंड का ठेका 24.53 लाख में दे दिया था। साथ ही तीन साल के वाहन स्टैंड के ठेका के लिए 26 अगस्त को दुबारा आवेदन मांगे गए थे।