अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। झांसी में किसानों के लिए धान के बाद मूंगफली लगाना सबसे अधिक महंगा पड़ेगा। इस खरीफ सीजन में प्रति हेक्टेयर मूंगफली लगाने में पिछले बार के मुकाबले 3800 रुपये अधिक खर्च करने पड़ेंगे। वहीं, उड़द में 1960 रुपये और मूंग में भी 1910 रुपये ज्यादा खर्च करने पड़ेंगे। किसानों को सबसे अधिक पैसा बीज, सिंचाई, उर्वरक, खाद एवं कीटनाशक पर खर्च करना पड़ेगा।
यह अनुमानित लागत जिला तकनीकी समिति (डीएलटीसी) ने तय की है। यह समिति हर फसली सीजन से पहले फसलों का वित्तमान (लागत) का अनुमान करती है। इसके आधार पर ही बैंक किसानों को ऋण देते हैं। मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में गठित इस आठ सदस्यीय जिला तकनीकी समिति में उप कृषि अधिकारी समेत अग्रणी जिला प्रबंधक, नाबार्ड समेत अन्य सदस्य शामिल किए जाते हैं। सदस्य फसल उत्पादन में इस्तेमाल होने वाले कारकों का अध्ययन करके इसे प्रस्तावित करते हैं।
झांसी में धान का उत्पादन सबसे कम होता है जबकि मूंगफली, उड़द, तिल एवं मूंग का उत्पादन अधिक होता है। इन चारों दलहनी फसलों की लागत में इजाफा हुआ है। एलडीएम अजय शर्मा का कहना है कि इस लागत मूल्य के आधार पर ही बैंक किसानों को ऋण देते हैं। इससे किसानों को पिछली दफा के मुताबिक अधिक ऋण मिल सकेगा।
प्रति हेक्टेयर फसलों की लागत (आंकड़े रुपये में)
फसल गत वर्ष चालू वर्ष
धान 71671 74436
ज्वार 36027 38237
बाजरा 36840 39150
मक्का 41737 43817
उड़द 34296 36256
मूंग 34044 35954
अरहर 40279 42939
मूंगफली 66495 70295
सोयाबीन 49859 51809
तिल 33884 35904