प्रदेश सरकार एंटी भूमाफिया अभियान के तहत सरकारी जमीनों को कब्जा मुक्त कराने का अभियान चला रही है। लेकिन नगर निगम शिकायतों के बाद भी वीरांगना नगर से नौ माह में सरकारी जमीन को कब्जा मुक्त नहीं करा सका है। ऐसे में संपत्ति की सुरक्षा के लिए चल रही बाउंड्रीवाल निर्माण की कवायद ठंडी पड़ी है। निर्माण अटकने से परेशानी बढ़ रही है।
दरअसल, नगर निगम ने संपत्तियों की सुरक्षा के लिए महानगर में तमाम जगहों पर पड़ी सरकारी जमीनों पर बाउंड्रीवाल निर्माण शुरू कराया था। वीरांगना नगर में करीब 70 लाख रुपये की लागत से स्वीकृत किए गए निर्माण कार्य का कार्यादेश मिलने पर ठेकेदार ने काम शुरू कराने की तैयारी की। ठेकेदार जब मौके पर निर्माण कराने पहुंचे, तो क्षेत्र के लोग कुछ लोगों ने जमीन को निजी बताते हुए काम रुकवा दिया।
ठेेकेदार ने इसकी जानकारी मुख्य अभियंता और संपत्ति अधिकारी को पत्र लिखकर दी। साथ ही कब्जा हटवाने की मांग की। मगर निगम की टीम आज तक जमीन को कब्जा मुक्त नहीं करा सकी है। ठेेकेदार कमलेश साहू का कहना है कि नौ महीने बाद भी जमीन को कब्जा मुक्त नहीं कराया जा सका है। ऐसे में निर्माण कार्य के साथ टेंडर में जमा की गई धरोहर राशि फंस गई है।
ऐसे में निगम की एंटी भूमाफिया अभियान की कवायद ठंडी पड़ी हुई है। अपर नगर आयुक्त शादाब असलम का कहना है कि शिकायत के बारे में जानकारी नहीं है। अगर ऐसा हुआ है, तो टीम को भेजकर विवाद खत्म कर निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।