सर्दी के मुनासिब खाने-पीने की चीजों का बाजार गर्म हो गया है। मुरैना से आने वाली गजक के साथ अब पंजाबी गजक भी महानगर वासियों की जीभ में मिठास घोल रही है। सर्दी में सबसे ज्यादा पसंद की जाने वाली रोल गजक, पंजाबी लकड़ी, काजू-बादाम पिस्ता, पंजाबी टूटी-फूटी बाजार में दो से ढाई सौ रुपये किलो की कीमत पर उपलब्ध हैं। वहीं, गुड़ की चिक्की, लड्डू, रेवड़ियां भी बिकने लगी हैं। गजक में तिल, गुड और शक्कर के अलावा काजू, बादाम, पिस्ता, देशी घी के मिश्रण से तैयार की गई हैं। व्यापारियों ने बताया कि पिछले वर्ष के मुकाबले कीमतों में अंतर नहीं आया है, लेकिन नोटबंदी का असर बिक्री जरूर पड़ रहा है।
ये हैं दाम
खस्ता गजक, रोल गजक, पंजाबी लकड़ी गजक 200 रुपये किलो, काजू बादाम पिस्ता गजक 240, पंजाबी टूटी-फूटी 220, रेवड़ियां 160, गुड़ चिक्की 120 से 160, शक्कर चिक्की 140, तिल लड्डू 200, गुड़ सेब 140 रुपये किलो है। मूंगफली की कीमत पिछले वर्ष के मुकाबले कम हुई है। यह 80 रुपये किलो बिक रही है।
ज्वार, मक्का और बाजरे के आटे की मांग शुरू
सर्दियों में बाजरा, ज्वार और मक्के के आटे की बिक्री बढ़ जाती है। 30 रुपये किलो की कीमत में बाजार में बिकने वाले इन आटों से बनने वाली रोटी, पुड़ी, पराठों और पुआ को सर्द मौसम में ज्यादा पसंद किया जाता है।
माहोली का गुड़ घोल रहा मिठास
बाजार में कई तरह के गुड़ बिक्री के लिए आ गए हैं। मोहाली (सीतापुर), डबरा और मेरठ से आया गुड़ शहर के लोगों के मुंह में मिठास घोल रहा है। इस गुड़ की परिया उपलब्ध है। वहीं बटी वाला गुड़ दामपुर से आया है। माहोली का गुड़ सबसे मीठा होने के बाद भी कीमतों में समान है। माहोली और मेरठ के गुड़ की कीमत 35 रुपये और डबरा के गुड़ की की कीमत 30 रुपये किलो है। बटी वाला गुड़ 40 रुपये किलो है।
नोटबंदी का पड़ा असर
व्यापारी तरुण चड्ढा ने बताया कि नोटबंदी का असर खाने पीने की चीजों पर पड़ा है। गजक आदि लोग स्वाद का शौक पूरा करने के लिए खरीदते हैं। लोगों के पास कैश कम है तो वह जरूरी सामानों को ही खरीद रहे हैं।