अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। थाना प्रेमनगर के हंसारी मोहल्ला निवासी सुरेंद्र अहिरवार (38) ने फंदा लगाकर जान दे दी। बृहस्पतिवार शाम पड़ोसियों ने उसका शव फंदे से लटका देखा। परिजनों का कहना है कि पति-पत्नी के बीच सुबह विवाद हुआ था। सुरेंद्र ने पत्नी को पीट दिया था। गुस्से में पत्नी उसे बिना बताए चली गई। इसके बाद उसने कमरे में खुद को बंद करके फंदा लगा लिया। उसकी पत्नी का अभी तक पता नहीं चल सका है।
हंसारी स्थित रेलवे क्वार्टर आउट हाउस निवासी सुरेंद्र अहिरवार पुत्र संतोष ने आठ साल पहले पड़ोस में रहने वाली दीक्षा से लव मैरिज की थी। दोनों के परिवार के लोग इस शादी के खिलाफ थे। दंपती को आठ साल की बेटी नैंसी एवं पांच साल का बेटा गणेश है। जीविकोपार्जन के लिए सुरेंद्र प्राइवेट काम करता था। परिजनों का कहना है कि सुरेंद्र अक्सर शराब के नशे में पत्नी से मारपीट करता था। बृहस्पतिवार सुबह भी सुरेंद्र ने शराब पी ली। काम पर भी नहीं गया। इस बात पर दोनों में झगड़ा हुआ। सुरेंद्र ने दीक्षा को पीट दिया। नाराज होकर दीक्षा बिना बताए चली गई। सुरेंद्र ने बेटी नैंसी और गणेश को खेलने बाहर भेज दिया। कमरे में अकेले होने पर उसने फंदा लगा लिया। बच्चों के लौटने पर दरवाजा अंदर से बंद था। पड़ोसियों के दरवाजा खुलवाने पर उसका शव फंदे से लटका मिला। उधर, 24 घंटे बाद भी पत्नी दीक्षा का कोई सुराग नहीं लगा। परिजन भी उसे खोज रहे हैं। प्रेमनगर थाना प्रभारी रवि श्रीवास्तव ने बताया कि सुरेंद्र का पत्नी से झगड़ा हुआ था। पत्नी उसे छोड़कर चली गई। इसके बाद सुरेंद्र ने सुसाइड कर लिया। दीक्षा का पता लगाया जा रहा है।