झांसी। जनपद के न्यायालयों में प्रैक्टिस कर रहे आपराधिक प्रवृत्ति के अधिवक्ताओं के खिलाफ अब कड़ी कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश पर स्टेट बार कौंसिल ने ऐसे अधिवक्ताओं के नाम मांगे हैं, जिसके आधार पर जिला अधिवक्ता संघ ने एसएसपी को पत्र लिखकर तीन दिन के भीतर सूची उपलब्ध कराने का आग्रह किया है।
बीते 23 जुलाई को स्टेट बार कौंसिल ने सभी जिलों के अधिवक्ता संघ के पदाधिकारियों को पत्र जारी किया था। इसमें निर्देश दिए गए थे कि जनपद में जितने भी आपराधिक प्रवृत्ति के अधिवक्ता हैं, जिनके खिलाफ किसी थाने में प्राथमिकी दर्ज है, न्यायालयों में मामले विचाराधीन हैं या जिनके चालान पेश किए गए हैं, उनकी सूची तैयार की जाए।
इस निर्देश के अनुपालन में जिला अधिवक्ता संघ के महामंत्री ने एसएसपी को पत्र भेजकर तीन दिन के अंदर सूची उपलब्ध कराने को कहा है। साथ ही, स्टेट बार कौंसिल ने यह चेतावनी भी दी है कि यदि जिला अधिवक्ता संघ तय समय में ऐसे अधिवक्ताओं के नाम नहीं भेजता है, तो संघ के पदाधिकारियों के खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष प्रमोद शिवहरे और महामंत्री छोटेलाल वर्मा ने बताया कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजकर तीन दिन के भीतर सूची देने का आग्रह किया गया है। इसके अलावा, संघ ने अन्य सभी वकीलों से भी अपील की है कि वे अधिवक्ता संघ की लाइब्रेरी में पहुंचकर अपना अंडरटेकिंग (शपथ-पत्र/घोषणा) जमा करें, जिसमें इस बात का उल्लेख हो कि उनके खिलाफ किसी भी थाने में कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है।