बिशप पीटर परापुलिल ने कहा कि ईश्वर दयालु है। यदि मनुष्य अपने पापों को स्वीकार करता है, तो ईश्वर उसे माफ कर देते हैं। सेंट जूड श्राइन चर्च में चल रहे वार्षिक नौरोजी प्रार्थना सभाओं के तहत बृहस्पतिवार की शाम बिशप ने यह उपदेश दिया। उन्होंने कहा कि ईश्वर के लिए सभी मानव और जीव बराबर हैं। मानव जीव सेवा कर प्रभु की कृपा प्राप्त कर सकता है।
इससे पूर्व हुए प्रवचन में फादर बास्टिन ने कहा कि ईश्वर चाहता है कि सभी आपस में प्रेम से रहें और मन में किसी भी प्रकार का मनमुटाव न रखें। अगर जीवन में कोई पाप होता है, तो उसे स्वीकारें। इससे व्यक्ति पर ईश्वर की दया व करुणा सदैव रहेगी।
वहीं, शाम को सेंट जूड श्राइन में क्राइस्ट द किंग कालेज, कैथेड्रिल कालेज, डॉन बास्को आदि विद्यालयों के विद्यार्थियों ने सेंट जूड के जीवन व उनके चमत्कारों को लाइट एंड साउंड के माध्यम से प्रस्तुत किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि आगरा के महाधर्माध्यक्ष बिशप डा. आलबर्ट डिसूजा, फादर डेनिस डिसूजा, फादर जूलियन आदि मौजूद रहे।