फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jhansi News: साइबर अपराधियों को खाता बेचने वाला आरोपी गिरफ्तार

विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

ललितपुर। लोगों को झांसा देकर बैंक में उनके खाते खुलवाने और उससे साइबर अपराधियों की रकम इधर-उधर करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उसके पास से दो मोबाइल, 11 बैंक पासबुक, छह डेबिट व तीन सिम कार्ड बरामद हुए। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया।
मोहल्ला जुगपुरा निवासी भज्जू अहिरवार ने पुलिस को तहरीर दी थी। बताया था कि अंकित साहू निवासी जुगपुरा ने उसे व उसके पुत्रों को झांसे में लिया। बैंक में उनका खाता खुलवाया। खाते खुलवाने के दौरान बैंक में अपना मोबाइल नंबर दर्ज करवाया। इसका प्रयोग कर वह जनसेवा केंद्र के माध्यम से रुपये निकालता रहा। साइबर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था। मंगलवार को पुलिस ने आरोपी अंकित को गंगारी रोड पर नहर पुलिया के पास से गिरफ्तार किया।
विज्ञापन

आरोपी ने बताया कि जुगपुरा में एक जनसेवा केंद्र उसके भाई के नाम है। वह उस पर बैठता है। साइबर अपराधियों ने उसे बैंक खाते उपलब्ध कराने के एवज में रुपये देने का लालच दिया था। वह उनकी बातों में आ गया और जुगपुरा के लोगों के खाते खुलवाने लगा। उन खातों का प्रयोग साइबर अपराधियों का धन जमा कराने के लिए करने लगा। इसके एवज में उसे साइबर अपराधियों से रुपया मिलने लगा।

नौ माह में सौ खाते खुलवाए, एक खाता उपलब्ध कराने पर मिलते थे 20 हजार
आरोपी अंकित साहू ने बताया कि वह 8-9 माह से साइबर अपराधियों के लिए काम कर रहा था। अब तक करीब सौ खाते वह खुलवा चुका है। इन खातों का उपयोग साइबर अपराध का रुपया जमा कराने के लिए किया। साइबर अपराधियों को खाता उपलब्ध कराने के एवज में उसे 20 हजार रुपये मिलते थे। साथ ही खाता चलाने के लिए अलग से 10 फीसदी कमीशन मिलता था।
-
खातों का प्रयोग करने के बाद डेबिट कार्ड तोड़ देता था : अंकित ने बताया कि उसके द्वारा खोले गए बैंक खातों में साइबर अपराधियों द्वारा रुपयों का लेनदेन करने के बाद पासबुक को फाड़कर फेंक देता था। साथ ही डेबिट कार्ड तोड़ देता था, जिससे वह पुलिस की पकड़ में न आ सके।

पुलिस टीम ने खातों के स्टेटमेंट खंगाले : साइबर क्राइम थाना पुलिस की टीम ने पुलिस अधीक्षक मोहम्मद मुश्ताक के निर्देशन में जांच पड़ताल की। टीम ने तकनीकी साक्ष्य संकलन किया। आरोपी की रूट मैपिंग की। साइबर अपराध में प्रयोग किए बैंक खातों के स्टेटमेंट व सरकार द्वारा प्रदत्त एनसीआरपी पोर्टल का अवलोकन किया। मनीट्रेलिंग का पीछा करते हुए अलग-अलग स्थानों के विभिन्न एटीएम के सीसीटीवी फुटेज को देखकर जांच की।
विज्ञापन


लोगों को झांसा देकर उनके खाते खुलवाकर उनका उपयोग साइबर अपराध के रुपयों का लेनदेन करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। जांच जारी है, जो भी तथ्य निकलकर आएंगे उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
मोहम्मद मुश्ताक, एसपी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें