संवाद न्यूज़ एजेंसी
झांसी। जीएसटी में फर्जीवाड़ा कर सरकार को राजस्व की क्षति पहुंचाने के आरोपी को राहत नहीं मिल पाई। जनपद न्यायाधीश कमलेश कच्छल की अदालत ने उसकी जमानत अर्जी खारिज कर दी, जिससे आरोपी को जेल में ही रहना होगा।
अभियोजन के मुताबिक महाराष्ट्र के पालघर जिला निवासी पीयूष शांतिलाल वीरा के खिलाफ जीएसटी के वरिष्ठ सहायक देवेंद्र पटेल ने कोतवाली थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उस पर स्क्रैप की खरीदारी में फर्म काजल इंटरप्राइजेज के जरिये गड़बड़ी करने का आरोप लगाया गया था। कोतवाली पुलिस की विवेचना में जीएसटी के प्रावधानों का उल्लंघन पाया गया था। अभियुक्त पीयूष ने जमानत के लिए अर्जी दाखिल की थी। न्यायालय में जिला शासकीय अधिवक्ता मृदुलकांत श्रीवास्तव ने तर्क दिया कि मामले में राजस्व की क्षति पहुंचाई गई है, लिहाजा अभियुक्त को जमानत नहीं दी जानी चाहिए। इस आधार पर न्यायालय ने अभियुक्त की जमानत अर्जी निरस्त कर दी।