अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। ब्लैकमेल कर नाबालिग के साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम देने के आरोपी की जेल से रिहाई नहीं हो पाई। विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) अंजना की अदालत ने उसकी जमानत अर्जी खारिज कर दी, जिससे फिलहाल आरोपी को जेल में ही रहना होगा।
विशेष लोक अभियोजक विजय सिंह कुशवाहा ने बताया कि एक व्यक्ति ने सीपरी बाजार थाने में 21 नवंबर 2023 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसमें बताया था कि दो साल पहले उसकी 17 साल की बेटी को रक्सा थाना इलाके के राजापुर निवासी युवक अंशु समेले फुसलाकर अपने घर ले गया था। वहां उसने बेटी को चॉकलेट खिलाई, जिसमें कुछ मिलाया हुआ था। इसके बाद उससे शारीरिक संबंध बनाए। इस दरम्यान उसने बेटी की आपत्तिजनक फोटो भी खींच ली थी, जिन्हें सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करने लगा। उसने दबाव में लेकर पुत्री से उसकी मां के सभी आभूषण और 50 हजार रुपये नकद ले लिए थे। इसके अलावा वह बेटी को घर से उठाने की धमकी दे रहा है। जातिसूचक शब्दों से अपमानित करते हुए परिवार को जान से मारने की भी धमकी दे रहा है। शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। आरोपी की ओर से रिहाई के लिए जमानत अर्जी दाखिल की गई थी, जिसे न्यायालय ने सुनवाई के बाद खारिज कर दिया।