संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। दो साल पहले एरच थाने के पठा गांव में हुई महिला की हत्या के आरोपी देवर को न्यायालय ने जरूरी साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त कर दिया। न्यायालय ने विवेचक के खिलाफ विभागीय जांच कराने के लिए डीजीपी को अवगत कराने के बारे में लिखा है।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक सितंबर 2023 में एरच थाना क्षेत्र के पठा गांव निवासी रानी की हत्या हो गई थी। पुलिस ने रानी के भाई बब्बू की तहरीर पर मृतका के देवर रामकिशुन के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया था। पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की थी। शनिवार को एडीजे प्रथम सुनील कुमार यादव की अदालत ने फैसला सुनाया। साक्ष्यों के अभाव व विवेचक की लापरवाही मानते हुए जेल में बंद देवर को दोष मुक्त कर दिया। आदेश में यह उल्लेख किया गया है कि रामकिशुन को विवेचक उप निरीक्षक सत्य प्रकाश शर्मा ने निमय विरुद्ध तरीके से 19 सितंबर 2023 को गिरफ्तार कर लिया था लेकिन 20 सितंबर को गिरफ्तारी दिखाई। साथ ही फर्जी तरीके से मृतका का गमछा व कांच की चूड़ियां बरामद करना बताया था। संदेह का लाभ देकर आरोपी को दोषमुक्त कर दिया। वहीं रामकिशुन को तत्काल एक लाख रुपये का बंधपत्र और एक हफ्ते के अंदर उसके दो जमानतदारों को एक-एक लाख का बंध पत्र देने का आदेश दिया ताकि अगर अभियोजन पक्ष उच्च न्यायालय में अपील करे तो उसे पेश किया जा सके।