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Jhansi News: अफसरों के कमरे में चल रहा एसी, मरीजों को कूलर की गर्म हवा

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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। मंगलवार को अधिकतम पारा 40.6 डिग्री सेल्सियस रहा। चटक धूप में निकलने पर त्वचा में जलन सी हो रही थी। ऐसी गर्मी में जिला अस्पताल के वार्डों में भर्ती मरीज और उनके परिजन गर्म हवा खाने को मजबूर हैं। क्योंकि, वार्डों में लगे ज्यादातर कूलरों में पानी ही नहीं भरा जा रहा है। जबकि, अफसरों के कमरे में एसी चलते हैं। स्टाफ भी एसी और कूलर की ठंडी हवा में बैठते हैं। अमर उजाला ने अस्पताल के वार्डों की पड़ताल की तो यही स्थिति सामने आई।

समय: दोपहर 2:15 बजे
स्थान: इमरजेंसी वार्ड
एक कूलर खुला पड़ा, दूसरे में पानी नहीं
वार्ड में एक कूलर खुला पड़ा हुआ था। नजदीकी बेड पर भर्ती मरीज राहुल ने बताया कि एक हफ्ते से भर्ती हूं। कूलर में कभी पानी नहीं भरा जाता है। जब चलता है तो गर्म हवा फेंकता है। मरीज छोटेलाल ने बताया कि भर्ती हुए दो दिन हो गए मगर कूलर में कोई भी पानी भरने नहीं आता है। यहीं पर एक कूलर में पानी तो भरा था मगर उसकी मोटर इतनी ऊंची लगी थी कि वो काम ही नहीं कर रही थी।
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समय: दोपहर 2:25 बजे
स्थान: पुरुष सर्जिकल वार्ड
स्टाफ का कूलर दुरुस्त, वार्ड का कूलर खराब
वार्ड शुरू होते ही स्टाफ रूम बना हुआ है, जिसमें कूलर भी दुरुस्त था। पानी भरा हुआ था और ठंडी हवा आ रही थी। मगर जैसे ही वार्ड की स्थिति देखी तो यहां पर एक कूलर ठीक था। मगर दूसरे कूलर के एक ही हिस्से में पानी आ रहा था। बाकी, दो तरफ की घास सूखी पड़ी हुई थी। महिला सर्जिकल वार्ड में भर्ती एक मरीज के रिश्तेदार निरंजन ने बताया कि एक कूलर की मोटर खराब हो गई है।

समय: दोपहर 2:35 बजे
स्थान: मेडिसिन महिला वार्ड
50 फीट के लंबे वार्ड में दो ही कूलर, दूसरी तरफ नहीं पहुंचती हवा
इस वार्ड की लंबाई करीब 50 फीट है। वार्ड के दायीं तरफ दो कूलर लगे हैं। इनमें भी पानी नहीं भरा मिला। वार्ड में भर्ती शिवानी के पिता मंगल सिंह ने बताया कि तीन दिन से कोई पानी डालने नहीं आया है। वार्ड के बायीं तरफ भर्ती एक मरीज के पति अहमद ने बताया कि कूलर इतनी दूर लगे हैं कि उसकी हवा नहीं आती है। रात में तो शर्ट उतारकर सोना पड़ा। क्योंकि, गर्मी लग रही थी।

वाटर कूलर भी पड़े हैं खराब
गर्मी में गला सूखने पर मरीज और उनके परिजनों के लिए अस्पताल में जगह-जगह वाटर कूलर लगाए गए हैं। मगर इनमें से कई खराब पड़े हैं। इमरजेंसी वार्ड में लगे वाटर कूलर से गर्म पानी आ रहा था। जबकि, हीमो डायलिसिस के सामने लगा वाटर कूलर खराब पड़ा था।
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वर्जन..
सभी वार्डों में कूलर लगवाकर पानी डालने के लिए जिम्मेदारी तय की गई है। यदि कोई कर्मचारी लापरवाही कर रहा है तो कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. पीके कटियार, प्रमुख अधीक्षक, जिला अस्पताल।
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