झांसी। एनडीआएफ (राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल) ग्रामीण इलाकों के युवाओं को भूकंप, बाढ़ जैसी आपात स्थिति में लोगों का किस तरह से बचाव करें और मुसीबत में फ ंसे व्यक्ति तक किस तरह से राहत कार्य पहुंचाएं, इसके लिए प्रशिक्षण देगा। यह प्रशिक्षण नेहरू युवा केंद्र के युवा मंडल सदस्यों को दिया जाएगा। इनकी संख्या 50 होगी।
देश के कई इलाकों की तरह उत्तर प्रदेश खासकर बुंदेलखंड प्राकृतिक आपदाओं से जूझता रहता है। हाल ही में बेतवा एवं उसकी सहायक नदियों में बरसात के कारण कई गांव जलमग्न हो गए थे, जिनमें फंसे ग्रामीणों के बचाव के लिए सेना को जुटना पड़ा था। इसके साथ ही बचाव दल की कई टीमें भी लगी रहीं। इस प्रकार की समस्याओं से निपटने के लिए ग्रामीण इलाकों के युवा हर समय तैयार रहे। इसके लिए एनडीआरएफ प्रत्येक जिले से 50 युवाओं को आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण दे रहा है। नेहरू युवा केंद्र के जरिये यह युवा चयनित होंगे। जिन्हें एनडीआरएफ के गाजियाबाद मुख्यालय अथवा क्षेत्रीय कार्यालयों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह स्वयं सेवक बतौर कार्य करेंगे। वर्तमान में देश के 40 जिलों के युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रभारी जिला समन्वयक माहे आलम ने बताया कि प्रशिक्षण की तिथि अभी घोषित नहीं है, लेकिन जल्द ही युवाओं को आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास पर होगी प्रतियोगिता
नेहरू युवा केंद्र की ओर से जल्द ही सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास पर आधारित भाषण प्रतियोगिता होगी। इसमें 18 से 29 साल तक के युवा अपने विचार प्रकट करेंगे। जिला समन्वयक माहे आलम ने बताया कि जिला स्तर के विजेता को 5 हजार रुपये, द्वितीय विजेता को 2 हजार रुपये और तीसरे विजेता को एक हजार रुपये इनाम दिया जाएगा। इसमें ग्रामीण क्षेत्र के युवा मंडलों के सदस्य हिस्सा लेंगे।